लखनऊ(जनमत):- रेलवे के अधिकारी को एक मंजिल के लिए 30 सीढ़ियां न चढ़नी पड़ें इस के लिए सूत्रों की मानें तो 20 लाख रुपये खर्च कर लिफ्ट लगवा रहे हैं। रेलवे प्रशासन एक तरफ महंगे टिकट से लेकर यात्री सुविधाओं में कैंची चला रहा है वही अफसर इस पैसे को अपनी सुविधा में लुटाने में लगे हैं। जिस का उधारण हजरतगंज स्थित उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के रेल प्रबंधक कार्यालय का भवन है| इसमें ग्राउंड फ्लोर के अलावा ऊपर सिर्फ एक फ्लोर है, जहां पर जाने के लिए तकरीबन 30 सीढ़ियां चढ़ानी पड़ती हैं इन 30 सीढ़ियां को चड़ने के लिए लगता है कि रेलवे के अधिकारी के बहुत मुश्किल है।
ग्राउंड फ्लोर पर कॉमर्शियल और पर्सनल आदि पब्लिक डीलिंग वाले विभाग हैं, जबकि फर्स्ट फ्लोर पर मैकेनिकल और इंजीनियरिंग के विभाग हैं, जहां अधिकारीयों के अलावा रेलवे के ठेकेदारों का आना जाना अधिक रहता है। इन विभागों के अधिकारी अपनी सुविधा के लिए लिफ्ट लगवा रहे हैं, जिसका स्ट्रक्चर खड़ा कर दिया गया है। वही ये उम्मीद जताई जा रही है कि यह लिफ्ट जल्द ही बन जाएगी। इसे लेकर विभाग में चर्चा है कि अधिकारी बजट को ठिकाने लगाने में जुटे हैं, जबकि आला अधिकारी इस फिजूल खर्चे को लेकर मौन साधे हैं। इससे अधिकारियों के हौसले बुलंद हैं।
दैनिक यात्री एसोसिएशन के अध्यक्ष एस0एस उप्पल के मुताबिक, इस लिफ्ट की आवश्यकता बिल कुल नहीं है| उप्पल ने बताया कि अगर बिल्डिंग में तीन-चार फ्लोर होतो सीढ़ियां चढ़ने की दिक्कत समझ में आती हैं, पर सिंगल फ्लोर के लिए लिफ्ट लगाया जाना सिर्फ पैसों की बर्बादी है। रेलवे अधिकारी अपने आराम के लिए फिजूल के खर्च कर रहे| रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि लिफ्ट लग जाने से दिव्यांगों, वृद्धजनों और सीढ़ियां चढ़ने में अक्षम लोगों को राहत मिलेगी। लेकिन वही डी0आर0एम कार्यालय के ही अधिकारी सवाल उठाते हैं कि जिन विभागों के लिए लिफ्ट लग रही है, वहां महीने में गिनती के ही दिव्यांगों का आनाजाना होता है।
Posted By:- Amitabh Chaubey
Reported By:- Ambuj Mishra