वोट चोरी कर सरकार बना रही भाजपा, सहारनपुर में बोले कांग्रेस सांसद– चुनाव आयोग नहीं दे रहा जवाब
‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान के तहत अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने भाजपा और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला।
सहारनपुर से अनिल वर्मा की रिपोर्ट
सहारनपुर/जनमत न्यूज़। ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान के तहत अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने भाजपा और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। शुक्रवार को सहारनपुर में जिला कांग्रेस कार्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि देश में मतदाता सूची में गड़बड़ियां करके सरकारें बनाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं, लेकिन चुनाव आयोग सवालों का जवाब देने के बजाय आंकड़े उपलब्ध कराने से बच रहा है।
औजला ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पहले मतदाताओं के नाम काटने और जोड़ने की शिकायतें थीं, लेकिन अब पहले से दर्ज मतदाताओं के नाम और विवरण में बदलाव किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता का पहचान नंबर वही रहे और नाम बदल जाए, तो मतदान के समय उसके सामने परेशानी खड़ी हो सकती है। यह केवल किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि हर नागरिक के मतदान के अधिकार का सवाल है।
पीलीभीत का मामला उठाकर चुनाव आयोग को घेरा
कांग्रेस सांसद ने उत्तर प्रदेश के पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची को लेकर सामने आए आरोपों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम और विवरण में बदलाव की शिकायतें सामने आई हैं।
कांग्रेस का दावा है कि 13,150 मतदाताओं के नाम बदले गए, जबकि उनके EPIC नंबर वही रहे। औजला ने सवाल उठाया कि ऐसी गड़बड़ियों की जिम्मेदारी कौन लेगा और मतदाताओं को उनके अधिकार की सुरक्षा कौन देगा?
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे चुनाव आयोग की वेबसाइट या मतदाता सेवा केंद्र के माध्यम से अपने वोटर कार्ड का EPIC नंबर डालकर मतदाता सूची में अपना नाम और अन्य विवरण जांच लें। किसी भी तरह की गलती मिलने पर उसे ठीक कराने के लिए संबंधित निर्वाचन अधिकारी के पास शिकायत करें।
‘वोट बनाने और काटने का अधिकार दिल्ली में केंद्रित करने की कोशिश’
औजला ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर अधिकारों के केंद्रीकरण की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इससे स्थानीय स्तर पर होने वाली प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के विरोध में आवाज उठाने वाले लोगों के मताधिकार पर संकट पैदा होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि गरीब और अमीर, दोनों की वोट का मूल्य बराबर है। संविधान ने प्रत्येक नागरिक को मतदान का अधिकार दिया है।
यदि मतदाता सूची में गड़बड़ी होती है या किसी का नाम गलत तरीके से हटाया जाता है, तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर असर पड़ता है। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए इन आरोपों को लेकर औजला ने कोई ऐसा निष्कर्ष प्रस्तुत नहीं किया जिससे यह साबित हो कि कथित गड़बड़ियां किसी राजनीतिक दल के निर्देश पर की गई हैं।
राहुल गांधी के सवालों का जवाब नहीं दे रही सरकार
कांग्रेस सांसद ने कहा कि राहुल गांधी ने संसद से लेकर सड़क तक मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया है। उनके मुताबिक, पहले इन सवालों को गंभीरता से नहीं लिया गया, लेकिन अब अलग-अलग क्षेत्रों से शिकायतें सामने आने के बाद इस पर व्यापक चर्चा हो रही है।
औजला ने केंद्र सरकार पर संसद में विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाना है, लेकिन जब राहुल गांधी सवाल पूछने के लिए खड़े होते हैं तो उनकी बात नहीं सुनी जाती। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक, भारत-अमेरिका समझौते और चीन से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना विपक्ष का अधिकार है। यदि सरकार और संवैधानिक संस्थाएं सवालों का जवाब नहीं देंगी, तो जनता के बीच अविश्वास बढ़ेगा।
‘एक नवंबर को दिल्ली पहुंचें, यह किसी पार्टी की नहीं, अधिकार की लड़ाई’
औजला ने सहारनपुर के लोगों से एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार बचाने की लड़ाई केवल कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं की नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक की है।
उन्होंने कहा कि लोग अपने काम से एक दिन निकालकर रैली में पहुंचें और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाएं। कांग्रेस कार्यकर्ता भी लोगों को रैली में शामिल होने के लिए प्रेरित करेंगे। औजला ने दावा किया कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन इस मुद्दे पर देशभर में आंदोलन कर रहे हैं और आगे भी संघर्ष जारी रखेंगे।
भाजपा और आरएसएस पर भी साधा निशाना
औजला ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं पर राजनीतिक प्रभाव बढ़ रहा है। उन्होंने भाजपा की विचारधारा और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान संघ की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। साथ ही कहा कि कांग्रेस ने देश में लोकतांत्रिक अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष किया है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और सरकारें जनता के मत से बनती हैं। इसलिए मतदाता सूची की पारदर्शिता और चुनाव आयोग की निष्पक्षता सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों से भी इस मुद्दे को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की।



