हिमाचल प्रदेश में बारिश-भूस्खलन से आफत, कई जिलों के लिए अलर्ट; 9 लोगों की मौत

देश के पर्वतीय राज्य हिमाचल प्रदेश में मानसून के दस्तक देने के बाद राहत के साथ लोगों की दुश्वारियां भी बढ़ गई हैं। शिमला, कांगड़ा, लाहुल स्पीति व चंबा जिलों में हादसों में दो महिलाओं सहित चार लोगों की मौत हो गई।

हिमाचल प्रदेश में बारिश-भूस्खलन से आफत, कई जिलों के लिए अलर्ट; 9 लोगों की मौत
Published By- Diwaker Mishra

शिमला/जनमत न्यूज़। देश के पर्वतीय राज्य हिमाचल प्रदेश में मानसून के दस्तक देने के बाद राहत के साथ लोगों की दुश्वारियां भी बढ़ गई हैं। शिमला, कांगड़ा, लाहुल स्पीति व चंबा जिलों में हादसों में दो महिलाओं सहित चार लोगों की मौत हो गई।

प्रदेश में वीरवार को रोहतांग, बारालाचा व शिंकुला दर्रे में हल्का हिमपात और कई स्थानों पर वर्षा हुई। 24 घंटे के दौरान भारी वर्षा और भूस्खलन से 49 सड़कें बंद हैं और 42 ट्रांसफार्मर खराब होने से बिजली आपूर्ति बाधित है। धान व मक्की की बिजाई के लिए वर्षा का इंतजार कर रहे किसानों को राहत मिली है।

लाहुल-स्पीति जिले के एचआरटीसी केलंग डिपो के चालक-परिचालक उदयपुर से मयाड़ घाटी रूट पर गए थे। सुबह उदयपुर लौटते समय परिचालक ज्ञान सिंह निवासी लडभड़ोल वीरवार सुबह बावड़ी के पास ब्रश कर रहा था।

इस दौरान नीचे झुकने पर पहाड़ी से पत्थर उसके सिर पर गिरा, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। चालक ने दुर्घटना की सूचना उदयपुर थाना में दी। एसपी लाहुल स्पीति शिवानी मेहला ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया है।

शिमला के रामपुर उपमंडल के पीपलीधार स्थित निरसु गांव के समीप वीरवार को करंट लगने से 60 वर्षीय महिला की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, केबल लाइन में लोहे की पतली तार लगी थी, जो रास्ते में गिरी थी। यह तार करीब आठ से नौ मीटर दूर बिजली के सर्विस वायर के साथ लगे लोहे के तार से जुड़ी थी।

इसमें वर्षा या अन्य कारण से करंट पास होने की आशंका है। कांगड़ा जिले के देहरा उपमंडल के मसोट में टुल्लू पंप लगाते समय करंट से पलंबर की जान चली गई। चंबा जिला में अगाहर गांव में पांव फिसलने से ढांक में गिरकर महिला की मौत हो गई।

चंबा जिले के भरमौर में वीरवार सुबह भारी वर्षा से सियूंर नाले में बाढ़ आने पर ग्रीमा की ओर जाने वाली सड़क का करीब 60 फीट हिस्सा बह गया। इससे होली-सियूंर-ग्रीमा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई।

चंबा-भरमौर एनएच दिनका घार में भूस्खलन से करीब चार घंटे बंद रहा। बिलासपुर जिले में मूसलधार वर्षा ने गर्मी से राहत तो दी, लेकिन कई सड़कें जलमग्न हो गईं। पत्थर और मिट्टी चेतना चौक तक सड़क पर आने से यातायात प्रभावित हुआ।

विभिन्न कारणों से अब तक नौ की मौत

आपदा प्रबंधन विभाग का कहना है कि प्रदेश में मानसून पहुंचने के बाद अभी तक नौ लोगों की अलग-अलग कारणों से मौत हो चुकी है। चार लोगों की गिरने, एक की डूबने, एक की करंट और तीन लोगों की अन्य कारणों से मौत हुई है। अभी तक सात कच्चे मकानों को नुकसान होने की सूचना है।

चार जिलों में आज भारी वर्षा का यलो अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, तीन जुलाई को कांगड़ा व मंडी में कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा का ऑरेंज जबकि कुल्लू, शिमला, सिरमौर व ऊना में कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया है। हिमपात व वर्षा होने से दिन के तापमान में करीब छह डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की है। न्यूनतम तापमान में एक से पांच डिग्री सेल्सियस का अंतर आया है।