बलिया प्रशासन की टीम ने रुकवाया बाल विवाह, संबंधित पक्ष से लिया लिखित घोषणा-पत्र
उप्र के बलिया जनपद में बाल विवाह की सूचना मिलने पर गठित टीम ने रसड़ा थाना पुलिस के सहयोग से मौके पर पहुंचकर जांच की और बाल विवाह को सफलतापूर्वक रुकवा दिया।
बलिया से गणेश तिवारी की रिपोर्ट
बलिया/जनमत न्यूज़। उप्र के बलिया जनपद में बाल विवाह की सूचना मिलने पर गठित टीम ने रसड़ा थाना पुलिस के सहयोग से मौके पर पहुंचकर जांच की और बाल विवाह को सफलतापूर्वक रुकवा दिया।
टीम ने संबंधित पक्ष को बाल विवाह प्रतिषेध कानून के प्रावधानों की जानकारी देते हुए भविष्य में बाल विवाह नहीं करने की शपथ दिलाई। साथ ही इस संबंध में लिखित घोषणा-पत्र भी प्राप्त किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाल विवाह की सूचना मिलने के बाद गठित टीम ने रसड़ा थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की। जांच के दौरान टीम ने संबंधित पक्ष को बाल विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों के बारे में जागरूक किया और कम उम्र में विवाह से बच्चों के भविष्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों की जानकारी दी।
इस कार्रवाई में अज़हर अली, विनोद सिंह, अंजलि सिंह और आकांक्षा राय सहित रसड़ा थाना के पुलिस कांस्टेबल शामिल रहे। टीम की पहल पर बाल विवाह को रुकवाया गया और संबंधित पक्ष से भविष्य में इस तरह का आयोजन नहीं करने की लिखित घोषणा ली गई।
प्रशासन की ओर से आमजन से अपील की गई है कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को रोकने में सक्रिय सहयोग करें। यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिलती है, तो तत्काल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन ने बाल विवाह मुक्त भारत के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि बच्चों का सुरक्षित बचपन और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता जरूरी है। बाल विवाह रोकने के लिए जागरूकता और समय पर सूचना देना महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
बाल विवाह मुक्त भारत—सुरक्षित बचपन, सशक्त भविष्य।



