योगी सरकार ने संतकबीर नगर में सहायक चकबंदी अधिकारी को किया निलंबित
चकबंदी आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि भ्रष्टाचार पर किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा l उन्होंने फील्ड में कार्यरत कर्मियों को नियमानुसार चकबंदी कार्यों को पूर्ण करने का निर्देश दिया l उन्होंने कहा कि न्याय की प्रक्रिया को अपनाते हुए जनहित में उत्कृष्ट कार्य करें या दंडित होने को तैयार रहें l
संतकबीर नगर (जनमत) :- यूपी की योगी सरकार ने संतकबीरनगर के सहायक चकबंदी अधिकारी पर सख्त ऐक्शन लिया है। चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने मंगलवार को चकबंदी प्रक्रिया के दौरान गंभीर अनियमितता बरतने और पीड़ित परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप में शासन की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सहायक चकबंदी अधिकारी रामदरश, को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया lउल्लेखनीय है कि जनपद संतकबीरनगर की तहसील धनघटा के ग्राम संठी में चकबंदी प्रक्रिया के दौरान प्रथम दृष्टया नियम विरुद्ध तरीके से मृतक प्रभुनाथ प्रजापति के परिजनों के मूल गाटा नंबरों को बदलकर 'उड़ान चक' प्रदिष्ट किए जाने और समय रहते आपत्ति का नियमानुसार निस्तारण नहीं किया गया जिस पर इस प्रकरण में संबंधित लेखपाल को पूर्व में ही निलंबित किया जा चुका है l
चकबंदी आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि भ्रष्टाचार पर किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा l उन्होंने फील्ड में कार्यरत कर्मियों को नियमानुसार चकबंदी कार्यों को पूर्ण करने का निर्देश दिया l उन्होंने कहा कि न्याय की प्रक्रिया को अपनाते हुए जनहित में उत्कृष्ट कार्य करें या दंडित होने को तैयार रहें l
आपको बता दें कि इससे पहले पांच फरवरी को योगी सरकार ने पीसीएस अफसरों के खिलाफ तगड़ा ऐक्शन लिया था। चंदौली में पं. दीन दयाल उपध्याय नगर में 20 आरसी प्रपत्र नोटिस जारी होने के बाद भी वापस लिए जाने के आरोप में तीन पीसीएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया। विराग पांडेय मौजूदा समय एसडीएम गाजियाबाद, लालता प्रसाद एसडीएम बुलंदशहर और सतीश कुमार एसडीएम एटा में तैनात थे। ये तीनों अधिकारी चंदौली में तहसीलदार के पद पर तैनात थे। निलंबन अवधि में तीनों राजस्व परिषद से संबद्ध रहेंगे।प्रमुख सचिव नियुक्ति एम देवराज की ओर से गुरुवार को इस संबंध में निलंबन आदेश जारी किया गया।

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