KIIT-KISS के पदक विजेता खिलाड़ियों को 2.5 करोड़ रुपये का पुरस्कार, ओलंपिक पदक विजेताओं को मिलेगा 1 करोड़

“पढ़ोगे-लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे बनोगे खराब”-कभी भारतीय समाज में प्रचलित इस कहावत को KIIT और KISS के खिलाड़ियों ने अपनी शानदार उपलब्धियों से गलत साबित कर दिया है।

KIIT-KISS के पदक विजेता खिलाड़ियों को 2.5 करोड़ रुपये का पुरस्कार, ओलंपिक पदक विजेताओं को मिलेगा 1 करोड़
Published By- Diwaker Mishra

भुवनेश्वर से कुंदन सिंह की रिपोर्ट

भुवनेश्वर/जनमत न्यूज़। “पढ़ोगे-लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे बनोगे खराब”-कभी भारतीय समाज में प्रचलित इस कहावत को KIIT और KISS के खिलाड़ियों ने अपनी शानदार उपलब्धियों से गलत साबित कर दिया है।

खेल के मैदान में मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के दम पर इन खिलाड़ियों ने न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि शिक्षा और खेल एक-दूसरे के पूरक हैं।

KIIT और KISS ने 23 अक्टूबर को आयोजित एक विशेष समारोह में 20वें एशियाई खेलों और 23वें राष्ट्रमंडल खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को कुल 2.5 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया।

एशियाई खेलों में 57 खिलाड़ियों ने कुल 21 पदक हासिल किए, जबकि राष्ट्रमंडल खेलों में 14 खिलाड़ियों ने पांच पदक जीतकर संस्थान और देश का नाम रोशन किया। एशियाई खेलों में KIIT-KISS के खिलाड़ियों का 21 पदकों का प्रदर्शन पंजाब के पदक आंकड़े के बराबर रहा।

प्रो. अच्युत सामंत के विजन ने बदली खिलाड़ियों की जिंदगी

इन उपलब्धियों के पीछे KIIT और KISS के संस्थापक डॉ. प्रो. अच्युत सामंत की दूरदर्शी सोच, प्रतिबद्धता और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का निरंतर प्रयास रहा है। उन्होंने ऐसे युवाओं में भी चैंपियन बनने की क्षमता देखी, जिन्हें समाज अक्सर सीमित अवसरों और संसाधनों के कारण आगे बढ़ने का मौका नहीं दे पाता।

विशेष रूप से आदिवासी समुदाय के बच्चों और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रो. सामंत ने शिक्षा के साथ-साथ खेल प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाओं और बेहतर अवसरों पर जोर दिया।

KIIT और KISS में खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण, प्रतिभा चयन के लिए खुले ट्रायल और विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था ने अनेक युवा प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने में मदद की है।

प्रो. सामंत का मानना रहा है कि किसी युवा को शिक्षा और खेल में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। उचित मार्गदर्शन, संसाधन और अवसर मिलने पर युवा दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेताओं को मिलेगा 1 करोड़ रुपये

खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए प्रो. अच्युत सामंत ने घोषणा की कि लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 में स्वर्ण पदक जीतने वाले KIIT-KISS के प्रत्येक खिलाड़ी को 1 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि दी जाएगी।

यह घोषणा संस्थान की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें ओलंपिक जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

KIIT और KISS ने अपने प्रयासों से यह संदेश दिया है कि खिलाड़ियों की सफलता केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक बदलाव, आत्मविश्वास और युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराने का भी माध्यम है।

खेल और शिक्षा साथ-साथ: सफलता का नया मंत्र

KIIT-KISS की उपलब्धियां इस सोच को मजबूत करती हैं कि खेल बच्चों के भविष्य में बाधा नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण माध्यम है। जहां अनेक संस्थान खिलाड़ियों की उपलब्धियों के बाद उनका सम्मान करते हैं।

वहीं, KIIT-KISS का प्रयास प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर से पहचानने, उन्हें प्रशिक्षित करने और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने पर केंद्रित रहा है। एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में खिलाड़ियों की सफलता इसी निरंतर प्रयास का परिणाम है।

“खेलोगे-कूदोगे बनोगे चैंपियन”—KIIT-KISS के खिलाड़ियों ने इस संदेश को अपनी उपलब्धियों से साकार कर दिखाया है। प्रो. अच्युत सामंत के नेतृत्व में संस्थान की यह पहल आने वाली पीढ़ियों को खेलों में अपना भविष्य बनाने और देश के लिए गौरव हासिल करने के लिए प्रेरित करती रहेगी।