खबर का असर: कुशीनगर में बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता पर शासन की कार्रवाई, मुख्यालय से संबद्ध
उप्र के कुशीनगर जनपद में बाढ़ के दौरान बांधों को हुए नुकसान और विभागीय कार्यप्रणाली पर उठे सवालों के बीच शासन ने बड़ी कार्रवाई की है।
कुशीनगर से प्रदीप यादव की रिपोर्ट
कुशीनगर/जनमत न्यूज। उप्र के कुशीनगर जनपद में बाढ़ के दौरान बांधों को हुए नुकसान और विभागीय कार्यप्रणाली पर उठे सवालों के बीच शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। बाढ़ खंड कुशीनगर में तैनात अधिशासी अभियंता महेश कुमार सिंह का स्थानांतरण कर उन्हें लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अधिकारी को तत्काल नई तैनाती के निर्देशों का पालन करने और कार्यभार ग्रहण करने का प्रमाण शासन को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
बांधों की सुरक्षा को लेकर उठे थे सवाल
हाल की बाढ़ के दौरान कुशीनगर में बांधों पर बढ़ते दबाव और कुछ स्थानों पर हुए नुकसान के बाद विभाग की तैयारियों पर सवाल उठे थे। बांधों की मरम्मत, संवेदनशील स्थानों की निगरानी और बाढ़ से पहले की तैयारियों को लेकर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भी चिंता जताई थी।
ठेकेदार संघ ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
बाढ़ खंड से जुड़े ठेकेदार संघ के महामंत्री विजय तिवारी ने शासन की कार्रवाई का स्वागत किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिशासी अभियंता के कार्यकाल में जिले के बाहर के ठेकेदारों से काम कराया गया। उन्होंने विभागीय गोदामों में सामग्री की उपलब्धता और कागजों पर खरीद दिखाए जाने के आरोपों की भी जांच कराने की मांग की।
ठेकेदार संघ ने बाढ़ खंड में कराए गए निर्माण कार्यों, सामग्री की खरीद और बाढ़ से पहले की तैयारियों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
गोमती रिवर फ्रंट मामले में भी आया था नाम
महेश कुमार सिंह का नाम गोमती रिवर फ्रंट परियोजना से जुड़े मामले में भी सामने आया था। उस समय वह सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत थे। इस मामले में उनके संबंध में कार्रवाई और वर्तमान विभागीय स्थिति की पुष्टि संबंधित अभिलेखों से की जानी चाहिए।
फिलहाल, स्थानांतरण आदेश में बांधों को हुए नुकसान या विभागीय लापरवाही को कार्रवाई का आधिकारिक कारण बताया गया है या नहीं, इसकी पुष्टि आवश्यक है। वहीं, ठेकेदार संघ ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। जनमत न्यूज की नजर इस मामले पर बनी रहेगी।



