मुजफ्फरनगर में शराब दुकानों पर आबकारी विभाग की पैनी नजर, स्टॉक रजिस्टर और QR कोड की जांच

उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद की मदिरा की दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली रोकने और बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आबकारी विभाग ने जनपद में सघन निरीक्षण अभियान चलाया।

मुजफ्फरनगर में शराब दुकानों पर आबकारी विभाग की पैनी नजर, स्टॉक रजिस्टर और QR कोड की जांच
Published By- Diwaker Mishra

मुजफ्फरनगर से संजय कुमार की रिपोर्ट

मुजफ्फरनगर/जनमत न्यूज़। उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद की मदिरा की दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली रोकने और बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आबकारी विभाग ने जनपद में सघन निरीक्षण अभियान चलाया।

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय के निर्देशन में जिला आबकारी अधिकारी एवं आबकारी निरीक्षकों ने विभिन्न मदिरा दुकानों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की जांच की।

शासन और आबकारी आयुक्त के निर्देशों के क्रम में चलाए गए इस अभियान में विभाग ने दुकानदारों की बिक्री प्रक्रिया से लेकर स्टॉक की उपलब्धता तक का सत्यापन किया। ओवररेटिंग की स्थिति का पता लगाने के लिए गोपनीय टेस्ट परचेस भी कराया गया, ताकि यह जांचा जा सके कि ग्राहकों से निर्धारित मूल्य ही लिया जा रहा है या नहीं।

डिजिटल बिक्री पर जोर, POS मशीन से शत-प्रतिशत लेनदेन के निर्देश

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मदिरा की शत-प्रतिशत बिक्री POS मशीन के माध्यम से सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही उपलब्ध स्टॉक का स्टॉक रजिस्टर से मिलान किया गया और दुकानों पर लगे CCTV कैमरों की क्रियाशीलता की जांच करते हुए उन्हें लगातार चालू रखने के निर्देश दिए गए।

QR कोड से भी परखी गई मदिरा की प्रामाणिकता

आबकारी टीम ने दुकानों में रखी मदिरा की बोतलों में से रैंडम आधार पर चयन कर QR कोड को विभागीय ऐप के माध्यम से स्कैन किया। इस प्रक्रिया के जरिए मदिरा की प्रामाणिकता और स्टॉक से संबंधित विवरणों का सत्यापन किया गया। विभाग का उद्देश्य बिक्री व्यवस्था पर प्रभावी निगरानी रखते हुए संभावित अनियमितताओं पर अंकुश लगाना है।

अनियमितता मिलने पर शिकायत करने की अपील

जिला प्रशासन और आबकारी विभाग ने मदिरा विक्रेताओं को निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि यदि किसी दुकान पर निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली या अन्य अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दें। शिकायत के लिए जन शिकायत ऐप का उपयोग किया जा सकता है।

आबकारी विभाग की इस कार्रवाई से मदिरा दुकानों की बिक्री व्यवस्था, डिजिटल निगरानी और निर्धारित मूल्य के अनुपालन को लेकर जांच तेज हुई है।