‘खामेनेई को चिंता करने की जरूरत है’, ईरान के साथ परमाणु वार्ता से पहले फिर भड़के डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिका और ईरान के बीच ओमान में परमाणु मसले पर वार्ता होनी है। इसके बाद भी तनाव की स्थिति बनी हुई है।
तेहरान/वाशिंगटन/जनमत न्यूज़। अमेरिका और ईरान के बीच ओमान में परमाणु मसले पर वार्ता होनी है। इसके बाद भी तनाव की स्थिति बनी हुई है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई को लेकर कहा है कि उन्हें चिंता करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि यदि ईरान ने परमाणु मसले पर बात नहीं मानी तो फिर हमले का खतरा बना रहेगा। एनबीसी के रिपोर्टरों ने खामेनेई को लेकर ट्रंप से सवाल पूछा था। इस पर ट्रंप ने तीखा जवाब देते हुए कहा, 'मैं कहूंगा कि खामेनेई को चिंतित होना चाहिए।' माना जा रहा है कि अमेरिकी सरकार वार्ता से पहले ईरान पर दबाव बनाए रखना चाहती है।
इस बीच अमेरिका के साथ वार्ता की जानकारी ईरान ने भी दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु वार्ता शुक्रवार को ओमान में होगी। ईरान में पिछले महीने देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ की गई हिंसक कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच तनाव अब भी जारी है।
ईरान के विदेश मंत्री की बुधवार को की गई इस घोषणा से पहले ऐसे संकेत मिल रहे थे कि वार्ता के प्रारूप और विषयवस्तु में बदलाव के कारण अपेक्षित वार्ता में बाधा आ रही है। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वार्ता से पहले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को कड़ी चेतावनी दी।
ट्रंप ने 'एनबीसी न्यूज' को दिए साक्षात्कार में खामेनेई के बारे में कहा, 'मुझे लगता है कि उन्हें बेहद चिंतित होना चाहिए।' इससे पहले बुधवार को एक क्षेत्रीय अधिकारी ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर कहा कि ईरान तुर्किये द्वारा प्रस्तावित बैठक से 'अलग' प्रकार की बैठक चाहता है।
यह बैठक विशेष रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर केंद्रित होगी, जिसमें केवल ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका की भागीदारी होगी। 'वाइट हाउस' के एक अधिकारी के अनुसार ट्रंप प्रशासन ने पुष्टि की है कि अमेरिका तुर्किये के बजाय ओमान में ईरान के साथ उच्च स्तरीय वार्ता करेगा।
वाइट हाउस बोला- हमें भी वार्ता की सफलता पर संदेह
अधिकारी ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया कि ईरानी अधिकारियों द्वारा बातचीत के दायरे को सीमित किए जाने और वार्ता के स्थान को बदले जाने की बात कहे जाने के बीच अरब जगत के कई नेताओं ने बुधवार को ट्रंप प्रशासन से आग्रह किया कि वह बातचीत से पीछे नहीं हटे।
अधिकारी ने कहा कि 'वाइट हाउस' को अब भी 'वार्ता की सफलता' को लेकर संदेह है, लेकिन क्षेत्र के सहयोगियों के प्रति सम्मान के कारण उसने योजनाओं में बदलाव के साथ आगे बढ़ने पर सहमति जताई है।
अमेरिका के बयान ने फिर से बढ़ा दिया है तनाव
ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के जवाब में अमेरिका द्वारा बल प्रयोग करने के संकेत देने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया। ट्रंप ईरान पर उसके परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए एक समझौते पर सहमति बनाने का दबाव भी डाल रहे हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका को परमाणु मुद्दे के अलावा कई अन्य मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

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