बलरामपुर को बाल श्रम मुक्त करने हेतु जागरूकता अभियान, श्रम विभाग जमीनी स्तर पर कर रहा काम

उप्र के बलरामपुर जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ श्रम विभाग द्वारा सघन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

बलरामपुर को बाल श्रम मुक्त करने हेतु जागरूकता अभियान, श्रम विभाग जमीनी स्तर पर कर रहा काम
Published By- Diwaker Mishra

बलरामपुर से गुलाम नबी कुरैशी की रिपोर्ट

बलरामपुर/ जनमत न्यूज़। उप्र के बलरामपुर जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ श्रम विभाग द्वारा सघन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिला कंसलटेंट मनोज तिवारी के नेतृत्व में उनकी टीम लगातार जमीनी स्तर पर निरीक्षण, संवाद और जन-जागरूकता कार्यक्रम कर रही है। इसी कड़ी में शिवपुर ब्लॉक क्षेत्र में 25 से 30 दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया, जहां व्यापारियों को बाल श्रम कानून के प्रावधानों की जानकारी दी गई।

निरीक्षण के दौरान टीम ने दुकानदारों से स्पष्ट अपील की कि 14 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे से श्रम न कराया जाए। उन्हें बताया गया कि बाल श्रम निषेध अधिनियम के तहत उल्लंघन करने पर 6 माह से 2 वर्ष तक की सजा तथा 20 हजार से 40 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

टीम ने व्यापारियों और आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही बलरामपुर को बाल श्रम मुक्त बनाया जा सकता है। अभियान को और गति देते हुए सदर विधायक  पलटू राम ने वीडियो संदेश के माध्यम से जनपदवासियों से अपील की।

उन्होंने कहा कि बाल श्रम एक सामाजिक बुराई होने के साथ-साथ कानूनी अपराध भी है। इससे बच्चों का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास बाधित होता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं, और यदि उनका विकास बाधित होगा तो राष्ट्र का विकास भी रुक जाएगा।

विधायक ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में उत्तर प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाना शामिल है और बलरामपुर जैसे आकांक्षी जनपद को 2026 तक इस लक्ष्य को प्राप्त करना है।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी कोई बच्चा बाल श्रमिक के रूप में कार्य करता दिखे तो तुरंत 1098, पुलिस विभाग या श्रम विभाग को सूचित करें।

इस अभियान में श्रम विभाग के साथ मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान तथा ब्रिटिश एशियाई इंडिया फाउंडेशन की टीम भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। ये टीमें गांव-गांव और शहर-शहर जाकर लोगों को बाल श्रम के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक कर रही हैं और उन्हें बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

इसी क्रम में बीते 20 जनवरी 2026 को विकास भवन सभागार में जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल कल्याण विभाग, पुलिस विभाग और पंचायती राज विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। सभी विभागों ने सर्वसम्मति से जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए पूर्ण सहयोग देने का संकल्प लिया।

प्रशासन और समाज के साझा प्रयासों से अब यह अभियान केवल जागरूकता तक सीमित नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यदि यह प्रयास इसी गति से जारी रहा तो 2026 तक बलरामपुर को बाल श्रम मुक्त जनपद बनाने का लक्ष्य पूरा होना तय माना जा रहा है।