बरेली: झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज के चलते बिगड़ी मरीज़ की हालत, समर्थन में उतरे छुटभैये नेता
बरेली जनपद में सरकारी मुलाजिमों की कार्यशैली पर सवाल उठाने वाले कथित रिपोर्टर और झोलाछाप डॉक्टर के समर्थन में उतरे कुछ छुटभैये नेताओं ने स्वास्थ्य विभाग परिसर में अपने मोहरे बिठा दिए हैं।
बरेली से अनूप रायजादा की रिपोर्ट
बरेली/ जनमत न्यूज़। उप्र के बरेली जनपद में सरकारी मुलाजिमों की कार्यशैली पर सवाल उठाने वाले कथित रिपोर्टर और झोलाछाप डॉक्टर के समर्थन में उतरे कुछ छुटभैये नेताओं ने स्वास्थ्य विभाग परिसर में अपने मोहरे बिठा दिए हैं।
इनका काम सिर्फ जिला स्वास्थ्य प्रशासन की छवि धूमिल करना ही नहीं, बल्कि शासन की नीतियों और जनस्वास्थ्य के मद्देनजर जारी संबंधित योजनाओं पर भी प्रश्न चिन्ह लगाकर योगी सरकार पर भी सवाल खड़े करने का जो मंसूबा पाला गया था।
उसे उन्ही नेतानगरी के विभीषण ने जनमत न्यूज चैनल टीम से रूबरू हो उनके सारे काले कारनामों के राज खोलकर एक बहुत बड़े षड्यंत्र का पर्दाफाश किया है। जिला स्वास्थ्य प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार विरोधी षड्यंत्र रचने वाले तथा कथित झोलाछाप रिपोर्टर और छुटभैये नेताओं की करतूतो से शासन को अवगत कराने तथा उक्त प्रकरण को जानबूझकर कर जिला स्वास्थ्य प्रशासन की छवी धूमिल कर रंग देने वालों पर कार्यवाही कराने का मूड बनाया है।
मामले को लेकर न्यूज चैनल टीम से रूबरू होने पर बरेली CMO विश्राम सिंह ने बताया कि पीड़ित पक्ष का मरीज़ पूर्व में जिला अस्पताल बरेली में इलाज करा कर गया है जहाँ से कैंसर के संकेत मिलते ही उक्त मरीज़ को किंग्स जॉर्ज मेडिकल कॉलेज लखनऊ को रेफर कर जांच कराने की सलाह दी थी।
जहाँ पर मरीज़ के परिजनों ने न जाकर बरेली किसी छुटभैये नेता के कहने पर झोलाछाप डॉक्टर के यहाँ उसका इलाज करवा दिया। जहाँ से झोलाछाप द्वारा मरीज़ का गलत ऑपरेशन करने से उसकी हालत बिगड़ने पर उक्त मरीज़ को अस्पताल परिसर में जमीन पर लिटा कर मामले में सुर्खियां बटोर कर जनस्वास्थ्य में जारी सरकारी योजनाओं को चुनौती दी है जो पूर्णत्या निराधार है।
जबकि मामला संज्ञान में आते ही CMO डॉक्टर विश्राम सिंह ने झोलाछाप डॉक्टर का क्लिनिक सील कर अग्रिम विधिक कार्यवाही कराने हेतु DY CMO का panel बना कर जांच टीम गठित कर दी है।

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