बलरामपुर में दो दिन में SSB की बड़ी कार्रवाई: अवैध लकड़ी चिरान पर शिकंजा, तीन गिरफ्तार
उप्र के बलरामपुर जनपद में सशस्त्र सीमा बल (SSB) 9वीं बटालियन ने वन विभाग के साथ मिलकर दो दिनों के भीतर अवैध लकड़ी कटान, चिरान और भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जंगल माफिया पर कड़ा प्रहार किया है।
बलरामपुर से गुलाम नबी कुरैशी की रिपोर्ट
बलरामपुर/ जनमत न्यूज़। उप्र के बलरामपुर जनपद में सशस्त्र सीमा बल (SSB) 9वीं बटालियन ने वन विभाग के साथ मिलकर दो दिनों के भीतर अवैध लकड़ी कटान, चिरान और भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जंगल माफिया पर कड़ा प्रहार किया है।
इस अभियान में तीन लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया, जबकि बड़ी मात्रा में सागवान, शीशम और खैर की कीमती लकड़ी जब्त की गई है। यह कार्रवाई वन संपदा की अवैध लूट पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
पहली कार्रवाई: नैकिनिया में अवैध चिरान करते तीन पकड़े गए
दिनांक 01 फरवरी 2026 को लगभग 2:45 बजे SSB को विश्वसनीय सोर्स से सूचना मिली कि सीमा चौकी शुक्लिनाका (D कंपनी गुरुंगनाका) के अंतर्गत ग्राम नैकिनिया में अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 11.2 किलोमीटर अंदर अवैध रूप से जंगली सागवान और शीशम की लकड़ी का चिरान किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए SSB ने मौके पर तस्दीक कराई, जो सही पाई गई।
इसके बाद तत्काल तुलसीपुर वन विभाग को सूचित किया गया। SSB और वन विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम नैकिनिया में सघन सर्च अभियान चलाया। इस दौरान तीन व्यक्ति जंगल से काटी गई लकड़ी को हाथ से चिरते हुए पकड़े गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमीर अहमद पुत्र अजमेर, ईदू पुत्र मो. सगीर और सहबान पुत्र समीउल्ला के रूप में हुई है, जो सभी नैकिनिया गांव के निवासी हैं।
मौके से टीम ने 08 पराकाष्ठ सागवान, 24 पराकाष्ठ शीशम तथा हाथ से चिरान करने वाले औजार बरामद किए। वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम 1927 की धारा 26 के तहत रेंज केस संख्या 12/2025-26 दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पकड़े गए व्यक्तियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि लकड़ी कहां से लाई गई और इसके पीछे कौन सा गिरोह सक्रिय है।
दूसरी कार्रवाई: कैथौली में खेत से खैर की लकड़ी बरामद
इसके एक दिन पहले 31 जनवरी 2026 को सुबह करीब 7:15 बजे SSB को सूचना मिली कि 9वीं बटालियन की ‘A’ कंपनी डगमरा के कार्य क्षेत्र ग्राम कैथौली के एक खेत में जंगली खैर की लकड़ी काटकर छिपाकर रखी गई है। सूचना की पुष्टि के बाद SSB की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) ने सोहेलवा पूर्वी रेंज वन विभाग के साथ मिलकर मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया।
खेत में ईख के पत्तों के नीचे छुपाकर रखी गई 12 बोटा जंगली खैर की लकड़ी बरामद हुई। जब टीम ने आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की तो किसी ने भी लकड़ी के बारे में जानकारी होने से इनकार कर दिया। इसके बाद वन विभाग ने लकड़ी को जब्त कर लिया और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम 1976 की धारा IFA 26 के तहत रेंज केस संख्या 43/25-26 दर्ज किया।
जंगल माफिया पर कसता शिकंजा
SSB और वन विभाग की यह संयुक्त कार्रवाई अवैध कटान के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सोहेलवा क्षेत्र में लंबे समय से जंगल माफिया सक्रिय बताए जाते रहे हैं, जो रात के अंधेरे में पेड़ों की कटाई कर लकड़ी को ठिकाने लगाते हैं। SSB की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से ऐसे तत्वों में हड़कंप मच गया है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अवैध कटान को रोकने के लिए नियमित गश्त और संयुक्त अभियान चलाए जाएंगे। साथ ही स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें कहीं अवैध कटान या लकड़ी का भंडारण दिखे तो तुरंत सूचना दें।
SSB की इस कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने सराहना की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह की सख्ती जारी रही तो क्षेत्र में अवैध कटान पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकेगा और जंगलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

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