मुजफ्फरनगर में प्रदूषण नियंत्रण की तैयारी तेज, दीपावली से पहले उद्योगों की निगरानी पर जोर
दीपावली पर्व के दौरान वायु गुणवत्ता बनाए रखने और आमजन को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सतर्कता पर जोर दिया जा रहा है।
मुजफ्फरनगर से संजय कुमार की रिपोर्ट
मुजफ्फरनगर/जनमत न्यूज़। दीपावली पर्व के दौरान वायु गुणवत्ता बनाए रखने और आमजन को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सतर्कता पर जोर दिया जा रहा है।
प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य से जुड़ी प्राथमिकताओं के अनुरूप प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। इसी दिशा में उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भूमिका अहम बनी हुई है।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के नेतृत्व में जनपद में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रयासों को गति देने पर जोर दिया जा रहा है।
वहीं, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी गीतेश चंद्रा के नेतृत्व में औद्योगिक इकाइयों को निर्धारित पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन के प्रति जागरूक करने और उत्सर्जन नियंत्रण संबंधी व्यवस्थाओं पर ध्यान देने की पहल की जा रही है।
दीपावली से पहले वायु गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष ध्यान
दीपावली के दौरान पटाखों, मौसम की परिस्थितियों और अन्य स्रोतों से वायु गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका रहती है। ऐसे में औद्योगिक इकाइयों से होने वाले उत्सर्जन को निर्धारित मानकों के अनुरूप नियंत्रित रखना महत्वपूर्ण है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से उद्योग संचालकों से अपील की जा रही है कि वे प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों का उचित संचालन सुनिश्चित करें और पर्यावरण संबंधी नियमों का पालन करें।
औद्योगिक इकाइयों की निगरानी और नियमों के अनुपालन पर जोर
औद्योगिक क्षेत्रों में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए उत्सर्जन की निगरानी, प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की कार्यशीलता, निर्धारित ईंधन मानकों तथा पर्यावरणीय प्रावधानों का अनुपालन महत्वपूर्ण है।
बोर्ड की नियमित निगरानी और नियमानुसार निरीक्षण से प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था को प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है। क्षेत्रीय अधिकारी गीतेश चंद्रा के नेतृत्व में विभागीय स्तर पर औद्योगिक इकाइयों को पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर लागू प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई भी प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
योगी सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप स्वच्छ पर्यावरण का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन आवश्यक है। मुजफ्फरनगर जैसे औद्योगिक जनपद में उद्योगों की आर्थिक गतिविधियों के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाए रखना विशेष महत्व रखता है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पहल का उद्देश्य औद्योगिक इकाइयों को निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित कराने, वायु गुणवत्ता की सुरक्षा करने और नागरिकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने में योगदान देना है।
दीपावली से पहले विभागीय निगरानी, उद्योगपतियों का सहयोग और आमजन की जागरूकता मिलकर प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को प्रभावी बना सकते हैं।
प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से उद्योग संचालकों से अपील है कि वे पर्यावरण संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए निर्धारित मानकों का पालन करें, ताकि त्योहार के दौरान भी जनपद में वायु गुणवत्ता बनाए रखने के प्रयास सफल हो सकें।



