25 जंगली हाथियों का आतंक, आजमगढ़पुरवा में फसलें तबाह !

कतर्नियाघाट वन क्षेत्र से सटे आजमगढ़पुरवा गांव में इन दिनों 25 जंगली हाथियों का झुंड किसानों पर कहर बनकर टूट पड़ा है। बीते एक सप्ताह से हाथियों ने गांव के आसपास डेरा जमा रखा है।

25 जंगली हाथियों का आतंक, आजमगढ़पुरवा में फसलें तबाह !
REPORTED BY-RIZWAN KHAN PUBLISHED BY- JYOTI KANOJIYA

जनमत न्यूज़ ;कतर्नियाघाट वन क्षेत्र से सटे आजमगढ़पुरवा गांव में इन दिनों 25 जंगली हाथियों का झुंड किसानों पर कहर बनकर टूट पड़ा है। बीते एक सप्ताह से हाथियों ने गांव के आसपास डेरा जमा रखा है। दिन में झुंड ओरई नाला के जंगल में रहता है और शाम ढलते ही चैन लिंक फेंसिंग तोड़कर खेतों में घुस जाता है।

हाथियों ने अब तक करीब 20 किसानों की कई बीघे गेहूं की फसल रौंदकर नष्ट कर दी है। पीड़ित किसानों में सियाराम, राधेश्याम, रमेश मौर्य, सुरेश मौर्य, शिवचंद्र, जोखन, मीरा देवी, सरिता देवी, रामनिवास, मंगली, हरिलाल, बेचू, दीपु सिंह, त्रिवेणी, बृजनाथ, श्यामजीत, दुर्गावती समेत कई अन्य शामिल हैं। किसानों का कहना है कि पूरी मेहनत पर पानी फिर गया और अब खेतों में सिर्फ बर्बादी का मंजर बचा है।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि रात में पेट्रोलिंग कर रहे गजमित्र रमेश मौर्य को भी हाथी ने दौड़ा लिया। उन्होंने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। हाथियों को भगाने के लिए गजमित्र जयनारायण, सुरेश मौर्य, श्यामजीत, अभय पांडेय, रंभा देवी और विनीता देवी सहित टीम लगातार रातभर गश्त कर रही है, लेकिन झुंड वापस लौटने का नाम नहीं ले रहा। इस संबंध में वन विभाग के रेंजर सुरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि गजमित्रों की टीम अलर्ट पर है और हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। किसानों ने प्रशासन से फसल क्षति का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने और हाथियों को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ने की मांग की है।लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और लोग रातें जागकर गुजारने को मजबूर हैं।