एक्टर राजपाल यादव को इन लोगों से मिली मदद, जानें कब तक हो सकती है रिहाई?

फिल्मों में एक्टिंग से अपनी अलग पहचान बना चुके राजपाल यादव इस समय दिल्ली की तिहाड़ जेल में हैं।

एक्टर राजपाल यादव को इन लोगों से मिली मदद, जानें कब तक हो सकती है रिहाई?
Published By- Diwaker Mishra

नई दिल्ली/जनमत न्यूज़। फिल्मों में एक्टिंग से अपनी अलग पहचान बना चुके राजपाल यादव इस समय दिल्ली की तिहाड़ जेल में हैं। अपनी कॉमेडी से सबको लोट-पोट करने वाले अभिनेता राजपाल यादव इस वक्त अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं।

9 करोड़ के चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से राहत न मिलने के बाद अभिनेता को तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा है। सरेंडर करने से पहले राजपाल यादव ने इमोशनल बयान दिया जिसे सुनने के बाद अब फिल्म इंडस्ट्री और राजनीति जगत से कुछ मददगार हाथ भी आगे आए हैं।

किस-किसने मदद का ऐलान किया है?

1.राव इंदरजीत सिंह ने जेम ट्यून्स परिवार की ओर से 1.11 करोड़ रुपये की लीगल मदद देने का ऐलान किया है।

2.जनशक्ति जनता दल (JJD) के चीफ तेज प्रताप यादव ने घोषणा की है कि वे राजपाल यादव को 11 लाख रुपये की मदद देंगे।

3.केआरके ने कहा है कि वे राजपाल यादव को 10 लाख रुपये देने के लिए तैयार हैं।

4.गुरमीत चौधरी और सोनू सूद ने भी मदद का हाथ आगे बढ़ाया है। हालांकि, इन्होंने इस बात का ऐलान नहीं किया है कि वे उन्हें कितने पैसे देंगे।

अभी तक कितने करोड़ की मदद मिली है?

राजपाल यादव की मदद के लिए कई लोग सामने आए हैं। कुछ लोगों ने बताया है कि वे कितने करोड़ देंगे। वहीं कु़छ ने सिर्फ इतना कहा कि वे उनकी मदद करेंगे। इस तरह अभी तक 1.32 करोड़ रुपये की घोषणा हुई है।

जेल से बाहर कब तक आएंगे राजपाल?

राव इंदरजीत सिंह ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा कि उन्होंने राजपाल यादव के छोटे भाई से बात की है। उन्होंने ये भी कहा कि अगर 14 फरवरी तक जरूरी रकम जमा नहीं हुई तो वह खुद बाकी रकम कोर्ट में जमा कर देंगे ताकि महा शिवरात्रि तक राजपाल यादव की रिहाई पक्की हो सके।

राजपाल यादव पर कितने करोड़ का है कर्ज?

जानकारी के मुताबिक कोर्ट ने अपने ऑर्डर में कहा कि अक्टूबर 2025 में रजिस्ट्रार जनरल के पास 75 लाख के दो डिमांड ड्राफ्ट जमा किए गए थे और 9 करोड़ की रकम देनी बाकी थी। मतलब अभी 9 करोड़ रुपये उन्हें देने हैं।

जानें पूरा मामला

एक्टर यादव की मुश्किलें 2010 से शुरू हुईं। उन्होंने अपनी डायरेक्टोरियल फिल्म 'अता पता लापता' को फाइनेंस करने के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ उधार लिए थे।

फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई और उनके लिए लोन चुकाना मुश्किल हो गया। ऐसे में उनके कई चेक बाउंस हो गए जिसकी वजह से नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई हुई।

2018: एक मैजिस्ट्रियल कोर्ट ने अप्रैल में राजपाल यादव और उनकी पत्नी को चेक-बाउंस मामलों में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 (चेक का अनादर) के तहत दोषी ठहराया था और कपल को छह महीने जेल की सजा सुनाई थी।

2019: सेशन कोर्ट ने जनवरी 2019 में मैजिस्ट्रियल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। बाद में, राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा ने सेशन कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में रिवीजन पिटीशन फाइल की थी।

2024: दिल्ली हाई कोर्ट ने कपल को दी गई छह महीने की सजा सस्पेंड कर दी, यह कहते हुए कि वे बड़े क्रिमिनल नहीं हैं। तब से, सस्पेंशन को समय-समय पर बढ़ाया गया।

2025: दिसंबर में, राजपाल यादव के वकील ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि 40 लाख के डिमांड ड्राफ्ट तैयार कर लिए गए हैं और बाकी 2.10 करोड़ की रकम 19 जनवरी, 2026 तक दे दी जाएगी।

4 फरवरी, 2026: दिल्ली हाई कोर्ट ने जेल सरेंडर के सस्पेंशन को और बढ़ाने से मना कर दिया। राजपाल यादव को उसी दिन शाम 4 बजे तक जेल सुपरिटेंडेंट को रिपोर्ट करने का निर्देश दिया।

5 फरवरी, 2026: अपने पहले के स्टैंड पर कायम रहते हुए, दिल्ली हाई कोर्ट ने सरेंडर करने के अपने निर्देश को वापस लेने से मना कर दिया और जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने यह भी कहा कि एक्टर का एक दिन पहले सरेंडर न करना कानून के प्रति कम सम्मान दिखाता है।