महिला ने लगाया जानलेवा हमले और पुलिस निष्क्रियता का आरोप, एसएसपी से की निष्पक्ष जांच की मांग

न्यायालय के आदेश पर एफआईआर दर्ज हुई। बावजूद इसके, आरोपी खुलेआम घूमते रहे और उन्हें किसी प्रकार की कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ा।

महिला ने लगाया जानलेवा हमले और पुलिस निष्क्रियता का आरोप, एसएसपी से की निष्पक्ष जांच की मांग
PUBLISHED BY - MANOJ KUMAR

मुजफ्फरनगर से संजय कुमार की रिपोर्ट —

मुजफ्फरनगर/जनमत न्यूज। जनपद के थाना खालापार क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें पीड़िता सलमा पत्नी फजल अहमद ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर गांव के कुछ दबंगों पर जानलेवा हमला करने और पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

प्रार्थना पत्र के अनुसार वर्ष 2024 में पीड़िता के पोते के साथ मारपीट की घटना हुई थी। उस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद से ही आरोपी पक्ष द्वारा परिवार पर दबाव बनाए जाने का आरोप है। मामला न्यायालय तक पहुंचा, जहां के आदेश पर एफआईआर दर्ज हुई। बावजूद इसके, पीड़िता का कहना है कि आरोपी खुलेआम घूमते रहे और उन्हें किसी प्रकार की कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ा।

पीड़िता के अनुसार 9 फरवरी 2025 को आरोपियों ने कथित रूप से उनके घर में घुसकर हमला कर दिया। इस दौरान उनके पति के साथ मारपीट की गई, जिससे उनकी पसलियां टूट गईं। स्वयं पीड़िता के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप है, जिससे उनकी एक आंख की रोशनी प्रभावित होने की बात कही गई है। आरोप यह भी है कि घटना के दौरान घर में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए गए और महिला के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया।

इसके अतिरिक्त पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी उनके प्लॉट पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि घटना की सूचना देने के बावजूद थाना खालापार पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और घायल अवस्था में तत्काल चिकित्सीय परीक्षण भी नहीं कराया गया।

मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। पीड़िता ने एसएसपी से अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए अलग से विशेष टीम गठित की जाए, चिकित्सीय परीक्षण कराया जाए और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

फिलहाल पुलिस की ओर से इस संबंध में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वरिष्ठ अधिकारी इस गंभीर आरोपों वाले प्रकरण में क्या कदम उठाते हैं और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।