प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात की बदल गई व्यवस्था; अब 2 दिन में ही हो जाएंगे दर्शन, जानें पूरी प्रक्रिया

मथुरा-वृंदावन में निवास करने वाले देश के लोकप्रिय संत प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात और दर्शन की व्यवस्था में बदलाव किया गया है।

प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात की बदल गई व्यवस्था; अब 2 दिन में ही हो जाएंगे दर्शन, जानें पूरी प्रक्रिया
Published By- Diwaker Mishra

मथुरा/जनमत न्यूज़। मथुरा-वृंदावन में निवास करने वाले देश के लोकप्रिय संत प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात और दर्शन की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। प्रेमानंद महाराज से मुलाकात के लिए मिलने वाले टोकन प्रक्रिया में बदलाव किया गया है।

आश्रम प्रशासन ने बढ़ती भीड़ को देखते हुए टोकन व्यवस्था में आमूल-चूल बदलाव कर दिया है। भक्तों को दर्शन के लिए हफ्तों या तीन दिनों का लंबा इंतजार नहीं करना होगा। नई व्यवस्था से न केवल समय बचेगा, बल्कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो जाएगी। महज दो दिनों में टोकन की व्यवस्था का निर्णय लिया गया है।

क्या है टोकन सिस्टम?

संत प्रेमानंद महाराज से मिलने के लिए हजारों की संख्या में भक्त हर रोज वृंदावन पहुंचते हैं। हर भक्त की इच्छा यही रहती है कि वह प्रेमानंद महाराज जी से एकांतिक वार्तालाप में मुलाकात कर सके। उनसे अपने मन की जिज्ञासा पूछ सके।

चूंकि, इतनी संख्या में हर व्यक्ति से एकांतिक वार्तालाप में मिलना मुश्किल रहता है इसलिए, संत प्रेमानंद महाराज जी के आश्रम प्रबंधन की ओर से टोकन सिस्टम की व्यवस्था की गई है। इससे महाराज जी से एकांत वार्तालाप में मुलाकात हो सके।

क्या है नई व्यवस्था?

आश्रम की ओर से लागू की गई है यह नई टोकन व्यवस्था पूरी तरीके से ऑफलाइन है। अब आपको दिन के समय ही वृंदावन के श्रीहित राधा केली कुंज आश्रम पर लाइन में लगना होगा। यहां भक्तों की संख्या दर्ज की जाएगी। उसके बाद उसी दिन शाम को ही आश्रम के सेवादार लाइन में लगे भक्तों के हाथ पर एक नंबर लिखेंगे। उन्हें टोकन वाली पर्ची दी जाएगी।

टोकन की पर्ची मिलने के अगले दिन सुबह 8:15 बजे गौतम ऋषि आश्रम पर भक्तों को पहुंचना होगा। वहां आप अपने टोकन को दिखाकर प्रेमानंद महाराज के साथ एकांतिक वार्तालाप या दर्शन का फाइनल टोकन पास हासिल कर सकेंगे।

श्रीहित राधा केली कुंज की वेबसाइट पर जाकर भी ऑनलाइन आवेदन करके अपना टोकन बुक कर सकते हैं। हालांकि, फाइनल टोकन के लिए आश्रम में आना ही होगा। प्रेमानंद महाराज से मुलाकात दर्शन और एकांतिक वार्तालाप बिल्कुल मुफ्त है। इसको लेकर कहीं कोई शुल्क सिस्टम नहीं है।

पहले क्या थी व्यवस्था?

प्रेमानंद महाराज से एकांतिक मुलाकात और दर्शन के लिए पुरानी टोकन व्यवस्था जटिल थी। इसमें तीन दिन या उससे अधिक का समय लग जाता था। इस कारण भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहती थीं।

रात 2:00 बजे से ही भक्त टोकन लेने के लिए सुबह तक इंतजार करते हुए लाइन में खड़े रहते थे। स्थिति ऐसी हो जाती थी कि कई भक्तों को बिना दर्शन के ही वापस लौटना पड़ता था। आश्रम प्रशासन के अनुसार, आने वाले कुछ समय में इस सिस्टम को और भी सरल बनाया जा सकता है।

आने वाले समय में नई योजना के तहत भक्तों को शाम के समय ही फाइनल टोकन दे दिया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को अगले दिन सुबह सीधे दर्शन के लिए प्रवेश मिल सकेगा। इसके बाद उन्हें गौतम ऋषि आश्रम पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

बढ़ती भीड़ के कारण व्यवस्था

वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज की बढ़ती लोकप्रियता के कारण भीड़ का दबाब बहुत ज्यादा हो गया है। आश्रम की यह नई टू डे विंडो व्यवस्था, बाहरी श्रद्धालुओं के लिए वरदान साबित होगी। सीमित समय के लिए ब्रज में आने वाले श्रद्धालु इसका लाभ उठा सकेंगे। अभी इस प्रकार के लोगों को प्रेमानंद महाराज की एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है।