औरैया: सस्ती पर्यटन यात्रा का झांसा देकर ठगी, अन्तर्राज्यीय साइबर ठग गिरफ्तार

यूपी के औरैया जनपद के साइबर थाना की टीम ने सस्ती और लुभावनी पर्यटन यात्रा का झांसा देकर देश के विभिन्न राज्यों के लोगों से साइबर ठगी करने वाले एक अंतर्राज्यीय अभियुक्त को गिरफ्तार किया है।

औरैया: सस्ती पर्यटन यात्रा का झांसा देकर ठगी, अन्तर्राज्यीय साइबर ठग गिरफ्तार
Published By- Diwaker Mishra

औरैया से अरुण वाजपेयी की रिपोर्ट

औरैया/जनमत न्यूज़। यूपी के औरैया जनपद के साइबर थाना की टीम ने सस्ती और लुभावनी पर्यटन यात्रा का झांसा देकर देश के विभिन्न राज्यों के लोगों से साइबर ठगी करने वाले एक अंतर्राज्यीय अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी औरैया कोतवाली क्षेत्र से हुई।

साइबर थाना औरैया की टीम 10 फरवरी 2026 को एनसीआरपी और प्रतिबंधित पोर्टल पर विभिन्न राज्यों से प्राप्त शिकायतों के संबंध में कोतवाली औरैया क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इन शिकायतों में गुजरात के भरूच, तेलंगाना, लखनऊ (उत्तर प्रदेश), नई दिल्ली और मुंबई से जुड़े साइबर ठगी के मामले शामिल थे।

इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि सस्ती पर्यटन यात्रा का लालच देकर लोगों से धोखाधड़ी करने वाला एक व्यक्ति जिला संयुक्त चिकित्सालय (100 शैय्या अस्पताल) के पास मौजूद है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए साइबर थाना टीम ने सोमवार देर रात करीब 02:50 बजे बताए गए स्थान से अभियुक्त को धर दबोचा।

गिरफ्तारी के समय अभियुक्त के कब्जे से 1,19,400 रुपये नकद, 02 लैपटॉप, 10 एटीएम कार्ड, 01 मोबाइल फोन और एक ट्रैवल्स कार्ड (टूर एड ट्रैवल्स) बरामद किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान प्रवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ ओमजी पुत्र इंद्रपाल सिंह निवासी ग्राम रूरूआ सांफर, थाना अजीतमल, जनपद औरैया के रूप में हुई है।

सदर कोतवाली में मंगलवार दोपहर लगभग 3 बजे आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा ने बताया कि पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया है कि वह पहले एक ट्रैवेल्स कंपनी में काम करता था। वहीं से उसने ट्रैवल टूर पैकेज से संबंधित जानकारी हासिल की थी।

बाद में उसने अपने फेसबुक अकाउंट पर "वी वांट ट्रिप" नाम से एक पेज बनाया। अभियुक्त इस फेसबुक पेज के माध्यम से सस्ते और आकर्षक पर्यटन ऑफर डालकर लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता था।

इच्छुक लोग पेज पर दिए गए मोबाइल नंबरों पर संपर्क करते थे। इसके बाद अभियुक्त धोखे और जालसाजी से उन्हें अपने बताए गए बैंक खातों में रुपये जमा करने के लिए प्रेरित करता था। रुपये प्राप्त होते ही वह पीड़ितों से संपर्क तोड़ देता था।