खेलेंगे या नहीं खेलेंगे के बीच फंसा T20 WC, एक मैच के कारण बनी हुई है बवाल की स्थिति
टी-20 विश्व कप की शुरुआत यूं तो शनिवार से होगी, लेकिन पूरी दुनिया की नजरें 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले भारत-पाकिस्तान के मुकाबले पर टिकी हैं, जिसका भविष्य अब तक अधर में लटका है।
मुंबई/जनमत न्यूज़। टी-20 विश्व कप की शुरुआत यूं तो शनिवार से होगी, लेकिन पूरी दुनिया की नजरें 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले भारत-पाकिस्तान के मुकाबले पर टिकी हैं, जिसका भविष्य अब तक अधर में लटका है।
मुंबई में गुरुवार को कप्तानों की कांफ्रेंस में जब भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव से पाकिस्तान के विरुद्ध मैच को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'हम कोलंबो जाएंगे। हमारी सोच काफी स्पष्ट है।
हमने पाकिस्तान से खेलने के लिए मना नहीं किया है। ये उनका फैसला है। आईसीसी ने ये कार्यक्रम तय किया है। हमारी फ्लाइट की टिकट बुक हैं और हम तो कोलंबो जा रहे हैं। बाकी उधर पहुंचकर देख लेंगे।'
सूर्या की स्पष्ट सोच
उन्होंने आगे कहा, 'टीम में चर्चा हुई है कि हम पहले सात फरवरी को अमेरिका के विरुद्ध खेलेंगे, फिर नई दिल्ली में नामीबिया के खिलाफ खेलेंगे और फिर कोलंबो के लिए रवाना होंगे। सूर्यकुमार ने कहा, हमने पाकिस्तान के विरुद्ध अच्छा क्रिकेट खेला है।
हमें बताया गया है कि मैच 15 तारीख को है, मैच तटस्थ स्थल पर है और अगर हमें मौका मिलता है तो हम खेलेंगे। हमने एशिया कप में उनके साथ तीन बार खेला, हमने अच्छा क्रिकेट खेला और हमने सभी मैच जीते।'
भारतीय कप्तान ने कहा कि ये उन सभी के लिए मुश्किल स्थिति है, जो इसमें शामिल हैं। मुझे लगता है कि आईसीसी भी जरूर कुछ कर रहा होगा। इससे पहले, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को फिर दोहराया कि उन्होंने बांग्लादेश के समर्थन में बहुत सोच समझकर भारत से मैच नहीं खेलने का फैसला किया है।
सरकार की बात मानेंगे आगा
वहीं कोलंबो में जब पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा से भारत के विरुद्ध मैच को लेकर पूछा गया तो उन्होंने वही दोहराया जो एशिया कप में सूर्यकुमार यादव दोहराते थे। हम अपने बोर्ड और सरकार का फैसला मानेंगे। आगा ने कहा, भारत का मैच हमारे कंट्रोल में नहीं है। यह सरकार और पीसीबी का फैसला है और हम इसका सम्मान करते हैं। वे जो भी कहेंगे, हम वही करेंगे।
सलमान ने कहा कि अगर दोनों चिर प्रतिद्वंद्वी नॉकआउट चरण में फिर आमने-सामने होते हैं तो वे फिर से पाकिस्तान सरकार द्वारा लिए गए फैसले का पालन करेंगे। अगर हमें सेमीफाइनल या फाइनल में उनके साथ फिर से खेलना पड़ा तो हमें सरकार के पास वापस जाना होगा और उनकी सलाह पर काम करना होगा।
बांग्लादेश के कारण पाकिस्तान ने किया विरोध
दरअसल, पाकिस्तान का ये रुख टूर्नामेंट से बांग्लादेश को हटाने के विरुद्ध एक राजनीतिक विरोध है। आईसीसी ने सुरक्षा कारणों से मुकाबलों को भारत से श्रीलंका में शिफ्ट करने के बांग्लादेश के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था। इसके बाद पाकिस्तान ने भी विश्व कप से हटने की बात कही थी।
हालांकि साथ ही उसने टी-20 विश्व कप के लिए टीम घोषित करते हुए कहा था कि टूर्नामेंट में खेलने का फैसला सरकार करेगी। पाकिस्तानी सरकार ने पीसीबी को टूर्नामेंट में खेलने की अनुमति दी, लेकिन भारत से मैच का बहिष्कार करने की घोषणा की।
आईसीसी के फैसले का इंतजार
हालांकि सरकार के फैसले के बावजूद अब तक पीसीबी की ओर से आईसीसी से कोई आधिकारिक रूप से मैच नहीं खेलने की बात नहीं कही गई है। आईसीसी का रुख स्पष्ट है कि अगर पाकिस्तान मैच से हटता है तो उसे आर्थिक जुर्माने के साथ ही कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
बहरहाल, आईसीसी क्या फैसला करता है ये देखने वाली बात है, लेकिन फिलहाल तो टी-20 विश्व कप खेलेंगे या नहीं खेलेंगे के बीच फंस कर रह गया है।

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