उरई में 14 मार्च को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, सफल बनाने के लिए नोडल अधिकारी ने किया मंथन

उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देश के अनुपालन में 14 मार्च को उप्र के उरई जनपद   में लगने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को प्रभावी रूप से सफल बनाने के लिये मंथन किया गया।

उरई में 14 मार्च को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, सफल बनाने के लिए नोडल अधिकारी ने किया मंथन
Published By- Diwaker Mishra

उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट

उरई/जनमत न्यूज़। उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देश के अनुपालन में 14 मार्च को उप्र के उरई जनपद   में लगने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को प्रभावी रूप से सफल बनाने के लिये मंथन किया गया।

अध्यक्ष/नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत परिवार न्यायालय प्रवीण कुमार पाण्डेय अपर प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, जालौन स्थान उरई की अध्यक्षता में अनुश्रवण राष्ट्रीय लोक अदालत समिति की द्वितीय बैठक नवनिर्मित भवन वादकारियों के बैठने हेतु प्रतीक्षालय/परामर्शदाता केन्द्र, परिवार न्यायालय, जालौन स्थान उरई में आयोजित की गयी।

जिसमें अध्यक्ष/ नोडल अधिकारी प्रवीण कुमार पाण्डेय द्वारा लोक अदालत की महत्वता के बारे में बताया एवं आयोजन को सफल बनाने के लिए दिशा-निर्देश दिये गये कि अधिक से अधिक पारिवारिक/वैवाहिक एवं भरण पोषण वादो में पक्षकारो के मध्य सुलह वार्ता कराये जाने का प्रयास करें, जिससे अधिक संख्या में पारिवारिक/वैवाहिक एवं भरण पोषण वादो को लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित किया जा सके।

बैठक में उपस्थित परिवार कल्याण विशेषज्ञ सुश्री प्रियंका द्विवेदी द्वारा बताया गया कि लिटीगेशन हेतु जो भी पत्रावलियों न्यायालय से प्राप्त होती है उनमें मीडियेशन करायी जा रही है।

इसके अलावा निरंतर वादकारियों से सम्पर्क किया जा रहा है एवं नियत तिथियों पर पक्षकारों के मध्य सुलह वार्ता कराये जाने का भरसक प्रयास किया जा रहा है, जिससे लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर मामलों का निस्तारण किया जा सके।

बैठक में उपस्थित सदस्य/मध्यस्थगण विनोद प्रकाश व्यास व सुलेखा सिंह द्वारा बताया गया कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाये जाने के लिये अधिक से अधिक वादो के निस्तारण हेतु पक्षकारों के बीच मध्यस्थता कराये जाने का प्रयास किया जा रहा है।

बैठक में उपस्थित विद्वान अधिवक्तागण द्वारा भी आश्वासन दिया गया कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों के निस्तारण हेतु पक्षकारों को समझाने का प्रयास कराया जायेगा।

उक्त बैठक में सदर मुंसरिम काजी वसीम उल्ला, न्यायालय कर्मचारी राजन मिश्रा एव सदस्य/मध्यस्थ विनोद प्रकाश ब्यास व सुलेखा सिह तथा विद्वान अधिवक्तागण शिवम सिंह सेंगर, रामप्रकाश प्रजापति, अखिलेन्द्र चौहान, निर्मल यादव, सुश्री कस्तूरी आदि उपस्थित रहे।