तटबंध निर्माण की मांग को लेकर अमृतपुर में गरजी जन चेतना पदयात्रा, हजारों किसानों ने सौंपा ज्ञापन

विशाल जन चेतना पदयात्रा के प्रथम दिवस पर हजारों की संख्या में किसान, ग्रामीण और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि अमृतपुर तहसील पहुंचे। हाथों में तख्तियां और झंडे लिए नारेबाजी करते हुए पदयात्रियों ने तहसील परिसर पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र तहसीलदार अमृतपुर शशांक सिंह को सौंपा।

तटबंध निर्माण की मांग को लेकर अमृतपुर में गरजी जन चेतना पदयात्रा, हजारों किसानों ने सौंपा ज्ञापन
PUBLISHED BY - MANOJ KUMAR

फर्रुखाबाद से वरूण दूबे की रिपोर्ट —

फर्रुखाबाद/अमृतपुर/जनमत न्यूज। तटबंध निर्माण की लंबे समय से लंबित मांग को लेकर तटबंध बनाओ जन संघर्ष समिति के आह्वान पर कड़हर से निकली विशाल जन चेतना पदयात्रा के प्रथम दिवस पर हजारों की संख्या में किसान, ग्रामीण और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि अमृतपुर तहसील पहुंचे। हाथों में तख्तियां और झंडे लिए नारेबाजी करते हुए पदयात्रियों ने तहसील परिसर पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र तहसीलदार अमृतपुर शशांक सिंह को सौंपा।

पदयात्रा के शुभारंभ अवसर पर जन संघर्ष समिति के अध्यक्ष भईयन मिश्रा ने कहा कि पांचाल घाट से कड़हर तक तथा ढाई घाट से अटेना घाट तक तटबंध निर्माण की मांग को लेकर वर्षों से शासन-प्रशासन को ज्ञापन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि बाढ़ से त्रस्त क्षेत्रीय जनता को हर वर्ष भारी नुकसान झेलना पड़ता है, जिसके चलते मजबूरन किसानों और आमजन को सड़कों पर उतरना पड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र तटबंध निर्माण की घोषणा नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जनता के हित में किसी भी संघर्ष से पीछे न हटने का संकल्प भी उन्होंने दोहराया।

समाजसेवी मोहन अग्रवाल ने कहा कि यह मुद्दा केवल एक क्षेत्र का नहीं, बल्कि लाखों लोगों के जीवन और भविष्य से जुड़ा है। बाढ़ की विभीषिका से मुक्ति दिलाने के लिए तटबंध निर्माण अत्यंत आवश्यक है और इस जनहित के कार्य में हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
समाजसेवी केशव भान साध ने कहा कि हर वर्ष आने वाली बाढ़ से घर, खेत-खलिहान और बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ जाता है। शासन को संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल तटबंध निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ करनी चाहिए।

राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग अध्यक्ष कोमल पांडे ने जनप्रतिनिधियों पर क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूरे जनपद में बाढ़ एक गंभीर समस्या है और इसका स्थायी समाधान केवल मजबूत तटबंध निर्माण से ही संभव है। पूर्व प्रधान अखिलेश तिवारी ने कहा कि बाढ़ के समय क्षेत्र की भयावह स्थिति किसी से छिपी नहीं है, इसके बावजूद जनप्रतिनिधियों की उदासीनता चिंताजनक है।

कड़हर से प्रारंभ हुई इस विशाल पदयात्रा में राजीव प्रताप सिंह टिल्लू, उपेंद्र सिंह यादव, रामवीर शुक्ला, कमलेश पाठक, जिला पंचायत के पूर्व सदस्य मनोज मिश्रा, अखिलेश तोमर, विपिन तिवारी, अनूप मिश्रा, शरद अग्निहोत्री, राजा मिश्रा, ओमनीवर्स पाठक, पंकज राठौर, निश्चित दुबे, विष्णु मिश्रा, हिंदू समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अंकित तिवारी, मानवाधिकार जिला अध्यक्ष सावन मिश्रा, निषाद सभा के जिला अध्यक्ष अनिल कश्यप, रामनिवास सिंह, जागेश्वर सिंह, अनूप प्रधान, अमरीश जी महाराज, दिनेश राजपूत, सतीश दीक्षित, स्वदेश त्रिवेदी, गोविंद त्रिवेदी, स्वामी बृजेश अग्निहोत्री, दीपू तिवारी, अनुपम रस्तोगी, राम बिहारी वाजपेई, राजपाल प्रिंस शुक्ला, हनी तिवारी, आदिल खान, शान खान, व्यापार मंडल महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष सोनी शुक्ला, डॉ. नावेद अंसारी, सीता भदोरिया, नेहा शुक्ला, राम अग्निहोत्री, प्रदीप शुक्ला, सुनील शुक्ला, संजीव अग्निहोत्री, हरिहर सिंह, रजत प्रधान, अरुण सिंह सोमवंशी, मोनू सिंह, सबसी उदय प्रताप सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।

पदयात्रा कड़हर, भरेपुर, परम नगर, सारी सेवासी, गोरखपुर का बारा, खेड़ा होते हुए अंतर अर्जुनपुर और सलेमपुर पहुंची, जहां बरखा में रात्रि विश्राम किया गया। यात्रा के संयोजक भईयन मिश्रा ने बताया कि अगले दिन प्रातः 10 बजे बरखा चौराहा से पुनः अमृतपुर के लिए प्रस्थान किया जाएगा और वहां मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी अमृतपुर को सौंपा जाएगा।