भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में भाकियू का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

इस समझौते से डेयरी सेक्टर पर भी सीधा असर पड़ेगा, जिससे छोटे पशुपालकों और सीमांत किसानों की आजीविका संकट में पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर भी खतरा बढ़ सकता है, जो देश की बड़ी आबादी के लिए जीवनरेखा है।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में भाकियू का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
PUBLISHED BY - MANOJ KUMAR

उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट —

उरई/जनमत न्यूज। भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते के विरोध में गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। किसान नेताओं ने इस समझौते को देश के किसानों, डेयरी क्षेत्र और लघु उद्योगों के लिए घातक बताते हुए इसे तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की।

ज्ञापन में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महामंत्री राजवीर सिंह जादौन ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार डील किसानों के हितों के प्रतिकूल है। उनका कहना था कि अमेरिका अपने कृषि क्षेत्र को भारी सब्सिडी देता है, जिससे वहां के कृषि उत्पाद अत्यंत कम कीमत पर बाजार में उपलब्ध होते हैं। अमेरिका की खेती पूरी तरह मशीनीकृत और बड़े कॉरपोरेट फार्म मॉडल पर आधारित है, जबकि भारत में अधिकतर किसान छोटे और सीमांत हैं। ऐसे में भारतीय किसान अमेरिकी उत्पादों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे और घरेलू बाजार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते से डेयरी सेक्टर पर भी सीधा असर पड़ेगा, जिससे छोटे पशुपालकों और सीमांत किसानों की आजीविका संकट में पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर भी खतरा बढ़ सकता है, जो देश की बड़ी आबादी के लिए जीवनरेखा है।

चरखारी से पूर्व विधायक कप्तान सिंह राजपूत ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा कि यह व्यापार समझौता भारत और उसकी जनता के हितों से समझौता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अमेरिका के सामने समर्पण जैसा रुख अपनाया है। उनके अनुसार इस ट्रेड डील का ऊर्जा, सुरक्षा, टेक्सटाइल उद्योग, किसानों और कृषि क्षेत्र पर व्यापक दुष्प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए इस डील को तत्काल निरस्त किया जाए।

इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष द्विजेंद्र सिंह निरंजन, केदारनाथ, बृजेश राजपूत, शिक्षक नेता ग्रंथ सिंह, समाजवादी नेता अशोक गुप्ता महाबली, भानु राजपूत, अखिलेश शर्मा, राम कुमार पटेल, दिनेश प्रताप सिंह, चतुर सिंह, देव सिंह प्रधान, शिव बालक राजावत सहित बड़ी संख्या में किसान एवं समर्थक उपस्थित रहे।

किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया तो व्यापक आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।