यूपी को मिलेगी सबसे लम्बे एक्सप्रेसवे के सौगात

समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों से गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रगति और काम पूरा होने के साथ ही लोकार्पण की तैयारी की स्थिति की जानकारी ली। इस पर अधिकारियों द्वारा बताया गया कि 594 किलोमीटर लम्बे प्रदेश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे के मेन कैरिजवे का निर्माण पूरा हो चुका है। वाहनों का अवागमन शुरू होने के पूर्व अब सुरक्षात्मक उपायों पर खासतौर पर काम किया जा रहा है।

यूपी को मिलेगी सबसे लम्बे एक्सप्रेसवे के सौगात
Published By - ANKUSH PAL

लखनऊ (जनमत) :-   यूपी  को अब तक का सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेसवे जल्द ही मिलने वाला है। शनिवार को इस बारे में कुछ अपडेट्स आईं। यूपी के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने लखनऊ स्थित पिकप भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के विकास कार्यों, संचालित, निर्माणाधीन और प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के साथ ही अन्य कामों की समीक्षा की। जिसमें मंत्री नन्दी ने निर्माणाधीन मेरठ से प्रयागराज तक उत्तर प्रदेश के सबसे लम्बे गंगा एक्सप्रेसवे के बचे हुए काम को जल्द पूरा कराने और प्रस्तावित सभी नवीन एक्सप्रेसवे का हर हाल में अक्टूबर 2026 तक शिलान्यास कराने के निर्देश दिए। साथ ही शासन के आदेशों का कड़ाई से पालन कराने का सम्बंधित अधिकारियों को आदेश दिया।

मंत्री नन्दी ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों से गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रगति और काम पूरा होने के साथ ही लोकार्पण की तैयारी की स्थिति की जानकारी ली। इस पर अधिकारियों द्वारा बताया गया कि 594 किलोमीटर लम्बे प्रदेश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे के मेन कैरिजवे का निर्माण पूरा हो चुका है। वाहनों का अवागमन शुरू होने के पूर्व अब सुरक्षात्मक उपायों पर खासतौर पर काम किया जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में संचालित एक्सप्रेसवे के किनारे अभी तक खम्भे लगा कर लोहे के तारों से फेंसिंग कराई गई है। जिसकी वजह से आस-पास के गांवों के लोग तारों को काट कर रास्ता बना लेते हैं। स्थानीय लोग तो आवागमन करते ही हैं, जानवर भी सड़क पर आ जाते हैं, जिससे दुर्घटना की सम्भावना बढ़ जाती है। इस तरह की मनमानी को रोकने के लिए गंगा एक्सप्रेसवे पर पक्का बाउण्ड्री वाल एवं मेटल बीम क्रैश बैरियर का निर्माण कराया जा रहा है। ताकि सुरक्षित तरीके से वाहनों का अवागमन हो सके। अधिकारियों ने बताया कि 295 किलोमीटर मार्ग पर बाउण्ड्रीवाल और मेटल बीम क्रैश बैरियर का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है। यह कार्य पूरा होते ही गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण कराया जाएगा।