वैलेंटाइन डे मनाना नाजायज़, बंगलादेश की नई हुकूमत अल्पसंख्यको की सुरक्षा करे सुनिश्चित: मौलाना शहाबुद्दीन
उप्र के बरेली जनपद में आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने वैलेंटाइन डे और बंगलादेश में हुएं आम चुनाव पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
बरेली से अनूप रायजादा की रिपोर्ट
बरेली/जनमत न्यूज़। उप्र के बरेली जनपद में आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने वैलेंटाइन डे और बंगलादेश में हुएं आम चुनाव पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि हर दौर में कौमों की पहचान उनके अकीदा और कल्चर से होती है, जब कोई कौम मानसिक गुलामी का शिकार हो जाए तो वो दूसरों के अकीदा और मजहब अपना लेने के बराबर होता है।
इसी को वैलेंटाइन डे कहते हैं। इस तरह के कार्यक्रमों का इस्लाम धर्म में कोई जगह नहीं है, बल्कि ये इस्लाम के विपरित है। मौलाना ने कहा कि शरियत की रौशनी में वैलेंटाइन डे मनाना नाजायज़ है। इसलिए पैगम्बरे इस्लाम ने फरमाया कि हया (आंखों का पर्दा) का ख्याल रखो , इंसान के अंदर 60 से ज्यादा खूबीया है, उनमें हया मुख्य है।
पैगम्बरे इस्लाम एक हदीस में फ़रमाते हैं कि जो कौम दूसरे धर्म का कल्चर अपनाती है, उसको उसी के साथ शुमार (गिनती) किया जाएगा। मैं तमाम मुस्लिम नौजवान लड़के और लड़कियों से गुजारिश करूंगा कि शरियत के हुक्म को माने और वैलेंटाइन डे हरजिग न मनाएं।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने बंगलादेश चुनाव पर कहा कि बंगलादेश नैशनलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष तारिक रहमान हुकूमत बनाने जा रहे हैं, ये चुनाव अवामी लीग पार्टी के बगैर हुआ है चुकी इस पार्टी पर यूनुस हुकूमत ने प्रतिबंध लगा दिया था।
बंगलादेश की अवाम ने कट्टरपंथी विचारधारा पार्टी जमाते इस्लामी को नकार दिया और बीएनपी को समर्थन दिया। अब बीएनपी मुखिया तारीक रहमान के उपर जिम्मेदारी आयन होती है कि वो अल्पसंख्यको की रक्षा व सुरक्षा मुहैया करें।
15 महीनों में अल्पसंख्यको पर ज़ुल्म और ज्यादती होती रही, कई अल्पसंख्यको के साथ मौबलिंचींग की गई। अब इन तमाम घटनाओं पर रोक लगाना बहुत जरूरी है।

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