हरदोई मेडिकल कॉलेज में इंसानियत की मौत, बेड पर 6 घंटे पड़ी रही अज्ञात किशोरी लाश; दिए जांच के आदेश
हरदोई जनपद के मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लापरवाही और संवेदनहीनता की ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हरदोई से सुनील कुमार की रिपोर्ट
हरदोई/जनमत न्यूज़। उप्र के हरदोई जनपद के मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लापरवाही और संवेदनहीनता की ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 15 वर्षीय अज्ञात किशोरी की मौत के बाद उसका शव करीब पांच घंटे तक बेड पर पड़ा रहा और ड्यूटी पर तैनात स्टाफ को इसकी भनक तक नहीं लगी।
मेडिकल कालेज अफसरों ने प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं। हरदोई के मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी वार्ड में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल व्यवस्था उजागर हुई है। यहां भर्ती कराई गई एक 15 वर्षीय अज्ञात किशोरी की मौत के बाद भी घंटों तक किसी ने उसकी सुध नहीं ली।
बताया जा रहा है कि सोमवार रात करीब 12 बजे किशोरी ने दम तोड़ दिया लेकिन मंगलवार सुबह करीब 6 बजे तक उसका शव उसी बेड पर पड़ा रहा। जब एक कर्मचारी की नजर पड़ी तो देखा कि किशोरी के हाथ-पैर पूरी तरह अकड़ चुके थे।
मिली जानकारी के अनुसार सीतापुर निवासी रामगोपाल हरपालपुर से लौटते समय बस स्टैंड के पास भीड़ देखकर रुके। वहां करीब 15 वर्षीय किशोरी बेसुध हालत में पड़ी मिली। मानवता दिखाते हुए रामगोपाल उसे अपनी गाड़ी से हरदोई मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे और भर्ती कराया।
डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार तो किया,लेकिन उसके बाद कथित तौर पर कोई नियमित मॉनिटरिंग नहीं की गई। चिकित्सकों के अनुसार, मौत के करीब 6 घंटे बाद शरीर में अकड़न (रिगर मॉर्टिस) शुरू होती है।
ऐसे में सवाल उठता है कि इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टर और स्टाफ आखिर क्या कर रहे थे? क्या मरीजों की निगरानी की कोई व्यवस्था नहीं है?
मामले पर मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चंद्र कुमार ने कहा कि किशोरी की मौत के बाद 4–5 घंटे तक शव बेड पर पड़ा रहा इस प्रकरण की जांच के आदेश दिए गए हैं उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
उन्होंने ये भी बताया कि किसी की मृत्यु के बाद शरीर में करीब 6 घंटे बाद शरीर में अकडन शुरू हो जाती है ये बच्ची कमजोर थी इसलिए हो सकता है कि अकड़न जल्दी आ गई हो फिलहाल प्रकरण की जांच कराई जा रही है।

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