विकसित भारत जी राम जी योजना अधिक व्यावहारिक, किसान-श्रमिक दोनों को लाभ: मुख्यमंत्री
कांग्रेस शासन में मनरेगा जिस स्वरूप में लागू की गई थी, वह व्यावहारिक नहीं थी। “गड्ढा खोदो और फिर पाट दो” जैसी स्थिति बन गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब यह योजना बन रही थी, तब उन्होंने सांसद के रूप में समिति में प्रश्न उठाया था कि यह किस प्रकार की व्यवस्था है। एक ही गड्ढा बार-बार नहीं खोदा जा सकता। उस समय उत्तर मिला कि एक बार खोदो, दूसरी बार पाटो और यही व्यवहार में होता था
लखनऊ (जनमत) :- बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कृषि बजट पर विस्तार से अपनी बात रखी थी और कृषि मंत्री ने भी इस विषय पर व्यापक प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि कृषि मंत्री जी की तरह ही हमारा किसान भी स्वस्थ और पुष्ट रहे। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण रोजगार योजनाओं के संदर्भ में कहा कि पूर्व की तुलना में वर्तमान व्यवस्था अधिक व्यावहारिक और परिणामोन्मुखी है। उन्होंने विपक्ष की ओर संकेत करते हुए कहा कि पहले 100 दिन के रोजगार का प्रावधान था, लेकिन वह अनिवार्य नहीं था। यदि कोई व्यक्ति रोजगार मांगता भी था तो उसे समय पर काम नहीं मिलता था और न ही समय पर मानदेय मिलता था। यदि 100 दिन का रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया, तो कोई भत्ता देने की बाध्यता भी नहीं थी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब योजना को अधिक प्रभावी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि अब 100 दिन के स्थान पर 125 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया गया है। यदि खेती-बाड़ी का समय नहीं है और गांव का कोई व्यक्ति रोजगार की मांग करता है, तो ग्राम प्रधान को उसे काम देना अनिवार्य होगा। यदि रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो बेरोजगारी भत्ता देना भी सुनिश्चित किया गया है।
उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस शासन में मनरेगा जिस स्वरूप में लागू की गई थी, वह व्यावहारिक नहीं थी। “गड्ढा खोदो और फिर पाट दो” जैसी स्थिति बन गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब यह योजना बन रही थी, तब उन्होंने सांसद के रूप में समिति में प्रश्न उठाया था कि यह किस प्रकार की व्यवस्था है। एक ही गड्ढा बार-बार नहीं खोदा जा सकता। उस समय उत्तर मिला कि एक बार खोदो, दूसरी बार पाटो और यही व्यवहार में होता था। इससे किसान और श्रमिक दोनों ही परेशान थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब स्थिति बदली है। वर्तमान योजना के तहत पक्का निर्माण कार्य कराया जा सकता है। गांवों में ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना के अंतर्गत स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण संभव हुआ है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गांवों में जो बाजार पहले सड़कों पर लगते थे, उनके लिए सुरक्षित और निर्धारित स्थान विकसित किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सब्जी मंडियां जब सड़कों पर लगती हैं तो ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। अब योजना के तहत सुरक्षित मंडी स्थल, चबूतरे और बाजार का निर्माण किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त अमृत सरोवर का निर्माण भी किया जा सकता है, जिससे जल संरक्षण और ग्रामीण सौंदर्यीकरण दोनों को बढ़ावा मिलता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था पूर्व की तुलना में अधिक व्यावहारिक है और इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। किसान और श्रमिक दोनों को इसका सीधा लाभ मिलेगा तथा गांवों में स्थायी आधारभूत संरचना का विकास संभव होगा।

Janmat News 
