बरेली की विश्व प्रसिद्ध रामलीला व पताका यात्रा की जबरदस्त तैयारियां, 25 फरवरी को होगा शुभारंभ

बरेली जिले की विश्व प्रसिद्ध रामलीला व पताका यात्रा की जबरदस्त तैयारियां चल रही हैं. 166 वां वार्षिकोत्सव और पताका यात्रा का 25 फरवरी को शुभारंभ होगा।

बरेली की विश्व प्रसिद्ध रामलीला व पताका यात्रा की जबरदस्त तैयारियां, 25 फरवरी को होगा शुभारंभ
Published By- Diwaker Mishra

बरेली से अनूप रायजादा की रिपोर्ट

बरेली/जनमत न्यूज़। उप्र के बरेली जिले की विश्व प्रसिद्ध रामलीला व पताका यात्रा की जबरदस्त तैयारियां चल रही हैं. 166 वां वार्षिकोत्सव और पताका यात्रा का 25 फरवरी को शुभारंभ होगा। इस संबंध में श्री रामलीला सभा बरेली द्वारा नरसिंह मन्दिर बड़ी बमनपुरी में प्रेस वार्ता में किया गया।

इस संदर्भ में उपाध्यक्ष महेश पंडित के अनुसार विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक रामलीला जो कि होली के अवसर पर संपूर्ण भारत में एकमात्र बरेली जिले में ही होती है।

यह तुलसी दास जी द्वारा रचित विनय पत्रिका के आधार पर फाल्गुन शुक्ल पक्ष नवमी तिथि को शुरू होती है और चैत्र कृष्ण त्रयोदशी को रामलीला को  संपन्न होती है।

उन्होंने बताया  कि ब्रिटिश शासन काल सन् 1861 में शुरू हुई यह रामलीला तब से अब तक निरंतर होती चली आ रही है। जिसे सन 2008 में यूनेस्को द्वारा वल्र्ड हेरिटेज की सूची में शामिल किया गया और सन 2015 में विश्व धरोहर घोषित किया।

ऐतिहासिक रामलीला (166 वाँ वार्षिकोत्सव) का शुभारंभ 25 फ़रवरी 2026 को गणेश पूजन और पताका यात्रा से होगा और 15 मार्च 2026 को श्री राम राज्यभिषेक के साथ समापन होगा।

आज प्रेसवार्ता के दौरान श्री रामलीला सभा ब्रह्मपुरी बरेली द्वारा रामलीला के 166 वें वार्षिकोत्सव कार्यक्रम की  रूप रेखा के मद्देनजर पत्रिका का विमोचन भी किया गया जिसके अनुसार ही रामलीला के कार्यक्रम किए जाएंगे।

पत्रिका विमोचन के उपरांत अध्यक्ष राजू मिश्रा ने कहा कि यह रामलीला ऐतिहासिक धरोहर है जो हमारी संस्कृति और परम्परा का प्रतीक है, इस संस्कृति को संजोए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। इस साल प्रसिद्ध राम बारात 2 मार्च को होली से एक दिन पहले निकाली जाएगी, क्योंकि 3 को चंद्रग्रहण है।

संरक्षक सर्वेश रस्तोगी ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनेस्को ने रामलीला को अनमोल मानते हुए और लोगों से इन्हें सुरक्षित और सम्भाल कर रखने के उद्देश्य से ही इस रामलीला को विश्व धरोहर घोषित करने का निर्णय लिया था।

वरिष्ठ उपाध्यक्ष व प्रवक्ता विशाल मेहरोत्रा ने कहा कि इस रामलीला का इतिहास संपूर्ण विश्व मे अलग ही पहचान रखता है। हम इसके उसी प्राचीन इतिहास को संरक्षित रखने को कृत संकल्प है।