यूपी में मिलावटखोरों पर बड़े एक्शन की तैयारी
लखनऊ (जनमत) :- यूपी में बोतल बंद पानी और देसी घी के बाद अब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के निशाने पर खाद्य तेल और मसालों में मिलावट करने वाले हैं। इनके खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। तेल व मसाले बेचने वाली ब्रांडेड कंपनियों के उत्पादों पर भी विभाग की नजर है। खास बात यह है कि बीते एक साल में जांच में असुरक्षित मिले ब्रांडों के नमूने फिर से लिए जाएंगे। प्रदेश के सभी फूड इंस्पेक्टरों से इसका ब्योरा तलब किया गया था। अब इसकी जांच की जा रही खाद्य पदार्थों में मिलावट और नशीली दवाएं बेचने वालों पर इन दिनों एफएसडीए की टेड़ी नजर है। कोडीनयुक्त कफ सिरप के बड़े रैकेट के खुलासे के बाद विभाग ने पानी पर बड़ा अभियान चलाया। बोतलबंद पानी बनाने वाली 169 इकाइयों पर कार्रवाई करते हुए उनका लाइसेंस निरस्त कर कारोबार बंद कराया गया है।
फिर देसी घी के नाम पर मिलावटी घी बेच रहे तीन ब्रांडों को प्रदेश में प्रतिबंधित किया गया है। अब बारी खाद्य तेलों व मसालों की है। एफएसडीए आयुक्त रोशन जैकब सभी जिलों से यह ब्योरा मांगा गया था कि पिछले एक साल में कितने नमूने फेल हुए। इनमें कितने खुले और कितने ब्रांडेड थे। जांच में इनमें से कितने अधोमानक और कितने असुरक्षित मिले।सभी फूड इंस्पेक्टरों से यह भी पूछा गया कि अधोमानक या अनसेफ मिले तेल या मसालों के नमूनों के मामले में कितने व्यापारियों ने अपील की। जिन मामलों में अपील नहीं की गई तो उनमें काम बंद कराकर लाइसेंस निलंबित किया गया या नहीं।
खास बात यह है कि जिन ब्रांडों का एक नमूना फेल हुआ है, उनके और नमूने लेने के निर्देश दिए गए हैं। यदि उस ब्रांड का उत्पादन यूपी में हो रहा है तो उसी इकाई से अन्यथा जहां से लिया गया सेंपल फेल हुआ है, उसके नजदीकी जिलों से और नमूने लेने के निर्देश दिए गए हैं।

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