बालूशाही बन सकती है औरैया की नई पहचान; बजट से महिलाओं, छात्राओं व युवा उद्यमियों को मिलेगा लाभ

आज बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार के बजट ने औरैया के लोगों को भी कई योजनाओं से लाभ मिलने की आस बंधाई है।

बालूशाही बन सकती है औरैया की नई पहचान; बजट से महिलाओं, छात्राओं व युवा उद्यमियों को मिलेगा लाभ
Published By- Diwaker Mishra

औरैया से अरुण वाजपेयी की रिपोर्ट

औरैया/जनमत न्यूज़। आज बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार के बजट ने औरैया के लोगों को भी कई योजनाओं से लाभ मिलने की आस बंधाई है। विशेषकर जिले के किसानों, युवाओं, एमएसएमई से जुड़े कारोबारियों, महिलाओं बालिकाओं को बजट प्रावधानों से सीधा फायदा होता नजर आ रहा है।

वहीं औरैया की मिठास की पहचान यहां के बालूशाही उद्योग को एक जिला एक व्यंजन योजना के तहत नई ऊंचाइयां अभी मिल सकतीं हैं।

लोगों को सड़कों के पुनर्निर्माण और चौड़ीकरण के लिए बजट प्रावधान से जिले के प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण की उम्मीद भी बंधी है। सत्ता पक्ष के लोगों ने जहां इस बजट को अभूतपूर्व और निवेश व रोजगार पर फोकस्ड बताया है, वहीं विपक्ष को इसमें कुछ भी नया नजर नहीं आया।

बता दें कि औरैया की बालूशाही अपने स्वाद और मिठास के लिए उत्तर प्रदेश ही नहीं हरियाणा दिल्ली राजस्थान और मध्य प्रदेश तक पहुंच रखती है। लखनऊ के राज भवन और सीएम आवास तक औरैया की बालूशाही लोगों को अपना दीवाना बना चुकी है।

घी, मैदा और चीनी से तैयार होने वाली इस शाही बालूशाही का प्रमुख उत्पादक केंद्र औरैया नगर है और यहां आम दिनों में व्यापारी एक क्विंटल तक जबकि सहालग और त्यौहारी सीजन में कई कई कुंतल तक बालूशाही रोजाना बेंच लेते हैं।

वन जिला वन प्रोडक्ट स्कीम के बाद सरकार ने अब बजट में एक जनपद एक व्यंजन योजना का ऐलान किया है। सरकार का प्रोत्साहन मिला तो जाहिर है इसमें बालूशाही का कारोबार यहां नई ऊंचाइयां छू सकता है।

संस्थागत ढांचे के विकास पर जोर देते हुए सरकार ने सड़कों के नवनिर्माण, पुनर्निर्माण और चौड़ीकरण, फ्लाईओवर का निर्माण किए जाने के लिए बजट में बड़ा प्रावधान किया है।

इससे जिले के प्रमुख मार्गों विशेष कर शेरगढ़ घाट से औरैया होते हुए जिला मुख्यालय ककोर, दिबियापुर से बेला तक का करीब 60 किलोमीटर का हिस्सा (जो कि फोर लेन होने से अब तक छूटा हुआ है) का चौड़ीकरण प्राथमिकता से हो सकता है।

स्टेट हाईवे बिलराया पनवारी मार्ग इस हिस्से पर पिछले दो दशक में ट्रैफिक का लोड कई गुना बढ़ गया है। ककोर में जिला मुख्यालय आबाद होने के बाद वहां अगले कुछ सालों में जनपद न्यायालय के भी अस्तित्व में आने के साथ ट्रैफिक में और बढ़ोत्तरी होगी।

ऐसे में अभी तक सिर्फ 7 मीटर चौड़ा यह स्टेट हाईवे राहगीरों की परेशानी और बढ़ाएगा। बजट के प्रावधानों से उम्मीद है कि जिले के इस प्रमुख स्टेट हाईवे के चौड़ीकरण के लिए जल्द स्वीकृत मिलेगी।

इसी तरह अजीतमल बाबरपुर से दिबियापुर होते हुए याकूबपुर तक करीब 50 किलोमीटर लंबा प्रमुख जिला मार्ग भी चौड़ीकरण की राह देख रहा है। इन दोनों ही मार्गों के लिए पूर्व में विभागीय स्तर पर शासन में कई बार प्रस्ताव प्रेषित किए जा चुके हैं। सरकार ने औद्योगिक विकास पर फोकस किया है।

मुख्यमंत्री ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्यमियों को सिंगल विंडो क्लीयरेंस देने की बात कही है, ऐसे में जिले के दिबियापुर में स्थापित प्लास्टिक सिटी परियोजना और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के कट पर औरैया शहर के निकट विशेष औद्योगिक गलियारे में उद्योग धंधों की स्थापना जिले के विकास को रफ्तार देने वाली पहल हो सकती है।