स्क्रैप माफिया रवि काना की रिहाई पर बड़ा एक्शन, बांदा जेल प्रशासन पर मुकदमा दर्ज
पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया है।
बांदा से दुर्गेश कश्यप की रिपोर्ट —
बांदा/जनमत न्यूज। स्क्रैप माफिया रवि काना की बांदा जिला जेल से रिहाई के मामले में जेल प्रशासन की भूमिका को गंभीर लापरवाही मानते हुए बड़ा कदम उठाया गया है। इस प्रकरण में जेल अधीक्षक, जेलर सहित जेल के अन्य कर्मचारियों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत किया गया है। यह मुकदमा जेल चौकी प्रभारी द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर दर्ज किया गया है, जिससे पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों रवि काना की रिहाई को लेकर न्यायिक आदेशों की अवहेलना का मामला सामने आया था। इसे संज्ञान में लेते हुए उत्तर प्रदेश कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग ने जेल प्रशासन की भूमिका को गंभीर लापरवाही मानते हुए जेलर विक्रम सिंह को निलंबित कर दिया था। निलंबन का आदेश विभागीय स्तर से जारी किया गया था।
जानकारी के अनुसार, गौतमबुद्ध नगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) न्यायालय ने आरोपी को छोड़े जाने के मामले में पहले ही जेल अधीक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया था। कोर्ट ने इस पूरे प्रकरण को न्यायिक आदेशों के उल्लंघन के रूप में देखा है।
अब जेल प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने और उच्चस्तरीय जांच टीम के गठन के बाद यह मामला और भी गंभीर हो गया है। प्रशासनिक व पुलिस स्तर पर की जा रही कार्रवाई से यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और किसी भी स्तर की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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