अलीगढ़ पुलिस की करतूत, चोरी के मामले में निर्दोष को भेजा जेल; दंपति ने SSP से मांगा इंसाफ
उप्र के जनपद अलीगढ़ के थाना सासनी गेट पुलिस का हैरान करने वाला कारनामा सामने आया है। इस कारनामे ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा किया है।
अलीगढ़ से अजय कुमार की रिपोर्ट
अलीगढ़/जनमत न्यूज़। उप्र के जनपद अलीगढ़ के थाना सासनी गेट पुलिस का हैरान करने वाला कारनामा सामने आया है। इस कारनामे ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा किया है।
यहां थाने में तैनात दरोगा मनीष त्यागी ने गौरव उर्फ कालू पुत्र गिरिराज किशोर के नाम थाने पर चोरी के दर्ज मुकदमे में नगला पला निवासी एक निर्दोष व्यक्ति गौरव उर्फ कालू पुत्र गिरिराज को उसके घर से उठाकर थाने की हवालात में दो दिन बंद रखने के बाद जेल भेज दिया।
इस दौरान पुलिस को जब अपनी गलती का एहसास हुआ तो दरोगा जेल पहुंचा और जेल भेजे गए निर्दोष व्यक्ति को जेल से छुड़ाकर अपने साथ वापस ले आया। पीड़ित व्यक्ति का आरोप है कि पुलिस अब उसके घर पहुंच कर उसकी पत्नी और उसके पर खाकी वर्दी का रोब दिखाकर, गाली गलौज करते हुए जबरन समझौता करने का दबाव बना रहे हैं।
पुलिस के खौफ के चलते उसका पूरा परिवार दहशत में जीने को मजबूर है। पीड़ित दंपति एसएसपी के यहां पहुंचा और दरोगा की काली करतूत को उजागर कर, न्याय की गुहार लगाते हुए इंसाफ की मांग की। एसपी सिटी नें इस मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच व कार्यवाही किये जाने का आश्वासन दिया है।
यहां गौर करने वाली बात ये है कि आरोपी चोर गौरव उर्फ कालू पुत्र गिरिराज किशोर और निर्दोष व्यक्ति का नाम व उसके पिता का नाम एक जैसा है।जब दरोगा को अपनी गलती का एहसास हुआ। तो वह निर्दोष व्यक्ति को जेल से छुड़ाकर अपने साथ वापस ले आया। पीड़ित का आरोप है कि उसको बिना किसी दोष के 3 दिन जेल की सलाखों के पीछे रात काटनी पड़ी।
अब दबंग दरोगा मनीष त्यागी और पुलिस बार-बार उसके घर पहुंच कर उसकी पत्नी और उसको पुलिस के उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की शिकायत नहीं करने का दवाब बन रही है। पीड़ित का आरोप की पुलिस लगातार उसके घर पर पहुंचकर उसकी पत्नी के साथ गाली गलौज कर धमकी देते हुए इस पूरे मामले में जबरदस्ती समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। जिसके चलते उसके परिवार में दहशत का माहौल है।
पीड़ित दंपति ने एसएसपी नीरज कुमार जादौन को इस मामले से अवगत कराते हुए इंसाफ दिलाए जाने की मांग की है। नगर पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक नें इस पूरे मामले को लेकर बताया कि पुलिस द्वारा निर्दोष व्यक्ति को पकड़ कर जेल भेजे जाने का एक मामला उनकी संज्ञान में आया है।
यहां NBW तामील करने के दौरान एक दरोगा द्वारा निर्दोष व्यक्ति को जेल भेजे जाने के बाद पीड़ित व्यक्ति द्वारा एक प्रार्थना पत्र उनको दिया गया है। इस मामले में गंभीरता के साथ जांच की जाएगी और जिस की भी लापरवाही मिली। उसके ऊपर जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।

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