पीलीभीत: प्रापर्टी डीलर के आफिस में कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
पीलीभीत शहर में एक रसूखदार प्रापर्टी डीलर के कर्मचारी अनिल का शव उसी के आफिस में फांसी के फंदे पर लटका मिला। परिजनों ने प्रापर्टी डीलर की भूमिका को संदेहास्पद बताते हुए हत्या का आरोप लगाया है।
पीलीभीत से प्रेम पाठक की रिपोर्ट
पीलीभीत/जनमत न्यूज। उप्र के पीलीभीत शहर में एक रसूखदार प्रापर्टी डीलर के कर्मचारी अनिल का शव उसी के आफिस में फांसी के फंदे पर लटका मिला। परिजनों ने प्रापर्टी डीलर की भूमिका को संदेहास्पद बताते हुए हत्या का आरोप लगाया है।
परिजनों ने बताया की तहरीर देने के 30 घंटे के बाद भी शहर कोतवाल ने एफआईआर दर्ज नहीं की। आक्रोशित परिजनों ने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में गन्ना मंत्री संजय गंगवार से मिलकर एफआईआर दर्ज करवाने की मांग की। वहीं दूसरी ओर कोतवाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद रिपोर्ट दर्ज करने की बात कह रहे थे।
इस पर गन्ना मंत्री ने नाराजगी जताई और पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव मिश्रा को बुलाकर शहर कोतवाल को लाइन हाजिर करने का आदेश दिया और मुकदमा दर्ज करने को कहा है।
अब सवाल यह उठता है कि कोतवाल किस कानूनी मजबूरी की जह से रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रहे थे या मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे थे। जबकि गन्ना मंत्री ने अवैध वसूली के तहत एक दरोगा का नाम भी लिया था।
इस पूरे मामले में मंत्री संजय गंगवार कहा सर्वप्रथम पीड़ित परिवार की रिपोर्ट दर्ज करनी चाहिए। यही योगी सरकार का आदेश भी है। पीलीभीत शहर कोतवाल ने एफआईआर दर्ज नहीं की इसलिए कोतवाल की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए लाइन हाजिर करने का आदेश दिया।

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