नीट पेपर लीक पर बोले संभल सांसद जियाउर रहमान- सरकार निष्पक्ष एवं सुरक्षित परीक्षाएं कराने में नाकाम

उप्र के संभल जनपद के सपा सांसद जियाउर रहमान वर्क ने नीट परीक्षा रद्द होने और लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों पर सरकार को घेरा है।

नीट पेपर लीक पर बोले संभल सांसद जियाउर रहमान- सरकार निष्पक्ष एवं सुरक्षित परीक्षाएं कराने में नाकाम

संभल से रामव्रेश यादव की रिपोर्ट

संभल/जनमत न्यूज़। उप्र के संभल जनपद के सपा सांसद जियाउर रहमान वर्क ने नीट परीक्षा रद्द होने और लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों पर सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि लाखों परीक्षार्थियों और उनके परिवारों की मेहनत पर पानी फिर गया है।

उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर बार-बार परीक्षाओं के पेपर कैसे लीक हो रहे हैं और सरकार निष्पक्ष एवं सुरक्षित परीक्षाएं कराने में क्यों नाकाम साबित हो रही है।

सपा सांसद जियाउर रहमान वर्क ने कहा हमें बेहद अफसोस है कि करीब 12 लाख परीक्षार्थी अपनी पूरी मेहनत और उम्मीदों के साथ नीट परीक्षा की तैयारी में लगे हुए थे। उनके परिवारों ने समय और पैसा दोनों लगाया, लेकिन अंत में उन्हें सिर्फ निराशा हाथ लगी।

पिछले 10 वर्षों में हमने देखा है कि 70 से ज्यादा परीक्षाएं निरस्त हुई हैं। चाहे यूपी पुलिस भर्ती हो, बिहार पुलिस भर्ती, शिक्षक भर्ती या जूनियर इंजीनियर की परीक्षा- लगातार पेपर लीक और परीक्षाओं के रद्द होने से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार सफल और निष्पक्ष परीक्षाएं कराने में क्यों नाकाम हो रही है? आखिर व्यवस्थाओं में ऐसी कौन-सी कमी है, जिसकी वजह से बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं? सरकार पर सवाल उठना लाजिमी है।

नीट ही नहीं, बल्कि अन्य परीक्षाओं से भी करोड़ों युवा प्रभावित हुए हैं। देश के इतिहास में शायद पहली बार ऐसा हो रहा है कि इतने कम समय में इतनी बड़ी संख्या में परीक्षाएं निरस्त हुई हों।

उन्होंने आगे कहा कि संसदीय समिति की बैठक 21 तारीख को बुलाई गई है, जिसमें संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा कि आखिर वे निष्पक्ष परीक्षाएं कराने में क्यों विफल हो रहे हैं।

सपा सांसद ने कहा, “अफसोस सिर्फ इस बात का नहीं है कि सरकार युवाओं को नौकरी नहीं दे पा रही, बल्कि यह भी है कि वह पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षाएं कराने में भी असफल साबित हो रही है।

भाजपा पदाधिकारी के पास कथित तौर पर पेपर पहुंचने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मामले की जांच सीबीआई से होनी चाहिए और जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में कोई पेपर लीक न हो और बच्चों का भविष्य अंधकार में न जाए। उन्होंने कहा कि केवल एक-दो लोगों पर कार्रवाई कर देने से मामला खत्म नहीं होगा, बल्कि यह पूरी व्यवस्था और सरकार की जवाबदेही का विषय है