'अमेरिका वहीं मौजूद रहेगा', सीजफायर के बाद ट्रंप ने 'विश्व शांति' वाले पोस्ट से किसे दिया संदेश?

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने 'विश्व शांति' को लेकर बड़ा बयान दिया है।

'अमेरिका वहीं मौजूद रहेगा', सीजफायर के बाद ट्रंप ने 'विश्व शांति' वाले पोस्ट से किसे दिया संदेश?
Published By- Diwaker Mishra

वाशिंगटन/तेहरान/जनमत न्यूज़। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने 'विश्व शांति' को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि यह दुनिया के लिए बड़ा दिन है और अब हालात बेहतर होने की उम्मीद है।

उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका इस पूरे क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा ताकि सब कुछ सही तरीके से आगे बढ़ सके। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान अब शांति चाहता है और बाकी दुनिया भी यही चाहती है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़े दबाव को संभालने में मदद करेगा और क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अब अपने पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर सकता है और अमेरिका हर तरह की सप्लाई के साथ मदद के लिए तैयार रहेगा। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका वहीं मौजूद रहेगा ताकि सब कुछ सही तरीके से चलता रहे और हालात बिगड़ने न पाए।

सीजफायर के बाद आया ट्रंप का बयान

यह बयान उस समय आया जब ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे हमलों को रोकते हुए दो हफ्ते के युद्धविराम का ऐलान किया। उन्होंने इसे 'डबल साइडेड सीजफायर' बताया, यानी दोनों पक्षों की सहमति से लड़ाई रोकी गई है।

ट्रंप ने कहा कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर से बातचीत के बाद लिया गया। उन्होंने बताया कि इस शर्त पर हमले रोके गए हैं कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह और सुरक्षित तरीके से खोल देगा।

उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका अपने ज्यादातर सैन्य लक्ष्य हासिल कर चुका है और अब स्थायी शांति के लिए बातचीत आगे बढ़ाई जाएगी। ट्रंप के मुताबिक, ईरान की ओर से आया 10 बिंदुओं का प्रस्ताव बातचीत के लिए एक मजबूत आधार है।

ईरान ने भी शांति प्रस्ताव स्वीकार किया

ईरान की ओर से भी इस प्रस्ताव को स्वीकार करने के संकेत मिले हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अगर ईरान पर हमले बंद रहते हैं, तो उसकी सेना भी अपनी कार्रवाई रोक देगी। उन्होंने बताया कि अगले दो हफ्तों तक होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही सुरक्षित तरीके से जारी रहेगी।

 यह व्यवस्था ईरानी सेना के समन्वय से लागू की जाएगी। अराघची ने यह भी साफ किया कि यह युद्धविराम बातचीत का रास्ता खोलने के लिए है और आने वाले समय में इसे स्थायी समझौते में बदला जा सकता है।

आगे हो सकती है बड़ी बातचीत

दो हफ्ते का यह युद्धविराम आगे अमेरिका और ईरान के बीच व्यापक बातचीत का रास्ता खोल सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान दोनों देशों के बीच शांति समझौते को लेकर चर्चा होगी। संभावना है कि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक बड़ा शांति सम्मेलन भी आयोजित किया जाए, जहां दोनों पक्ष आगे की रणनीति तय करेंगे।