उन्नाव रेप केस: कुलदीप सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, हाईकोर्ट का आदेश रद्द

उन्नाव रेप केस में सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ा झटका देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का जमानत और सजा निलंबन वाला फैसला रद्द कर दिया। CBI की अपील पर कोर्ट ने तीन महीने में सुनवाई पूरी करने के निर्देश दिए।

उन्नाव रेप केस: कुलदीप सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, हाईकोर्ट का आदेश रद्द
Published By- A.K. Mishra

लखनऊ/जनमत न्यूज़:- उन्नाव रेप मामले में दोषी पूर्व भाजपा विधायक Kuldeep Singh Sengar को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शुक्रवार को शीर्ष अदालत ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को निरस्त कर दिया, जिसमें सेंगर की उम्रकैद की सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें जमानत देने का आदेश दिया गया था।

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट का फैसला उचित नहीं माना जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की याचिका स्वीकार करते हुए निर्देश दिया कि सेंगर की सजा के खिलाफ लंबित अपील पर तीन महीने के भीतर फैसला सुनाया जाए या फिर सजा निलंबन याचिका पर नए सिरे से विचार किया जाए।

गौरतलब है कि दिसंबर 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंगर को राहत देते हुए उनकी उम्रकैद की सजा निलंबित कर दी थी। इस फैसले के बाद पीड़िता ने नाराजगी जताई थी, जबकि कई सामाजिक संगठनों और लोगों ने भी विरोध दर्ज कराया था। इसके बाद CBI ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

सुनवाई के दौरान सेंगर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन ने दलील दी कि घटना के समय पीड़िता नाबालिग नहीं थी। वहीं CBI की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने इस तर्क का विरोध किया। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने मामले में कानून की गलत व्याख्या की है।

सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने भी टिप्पणी करते हुए कहा कि POCSO कानून बच्चों की सुरक्षा के उद्देश्य से बनाया गया है और इस मामले में अत्यधिक तकनीकी दृष्टिकोण अपनाना उचित नहीं माना जा सकता।