‘बुलडोजर बाबा’ के नारे के बीच सम्राट चौधरी ने ली शपथ, क्या बिहार में लागू होगा ‘योगी मॉडल’?

सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनते ही बिहार में ‘बुलडोजर एक्शन’ और योगी मॉडल की चर्चा तेज। जानें क्या है पूरा मामला और विपक्ष क्यों कर रहा विरोध।

‘बुलडोजर बाबा’ के नारे के बीच सम्राट चौधरी ने ली शपथ, क्या बिहार में लागू होगा ‘योगी मॉडल’?
Published By- A.K. Mishra

पटना/जनमत न्यूज़: Samrat Choudhary के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही बिहार की राजनीति में नया माहौल देखने को मिला। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान समर्थकों ने ‘बुलडोजर बाबा जिंदाबाद’ के नारे लगाए, जिसके बाद राज्य में ‘योगी मॉडल’ लागू होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

यह पहला मौका है जब Bharatiya Janata Party का कोई नेता बिहार के मुख्यमंत्री पद पर पहुंचा है।

‘बुलडोजर’ एक्शन पर क्यों बढ़ी चर्चा?

सम्राट चौधरी पहले गृह विभाग संभाल चुके हैं और अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख के लिए जाने जाते हैं। उनके बयानों और पिछले कार्यकाल के दौरान पुलिस कार्रवाई के चलते यह माना जा रहा है कि अब कानून-व्यवस्था पर और कड़ा रुख अपनाया जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार में अपराधियों और अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान और तेज होने की संभावना है।

भाजपा को पहली बार मिली पूरी कमान

करीब दो दशकों से बिहार की सत्ता में साझेदारी निभा रही भाजपा को पहली बार मुख्यमंत्री पद मिला है। इससे पहले सरकार का नेतृत्व लगातार Nitish Kumar के हाथ में रहा।

अब नई भूमिका में सम्राट चौधरी के सामने कानून-व्यवस्था सुधारना सबसे बड़ी प्राथमिकता मानी जा रही है।

अतिक्रमण पर पहले से चल रहा अभियान

बीते कुछ महीनों में राज्य के कई हिस्सों में अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है। राजधानी पटना समेत कई जिलों में प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाए हैं।

नई सरकार बनने के बाद इस अभियान में और तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। केंद्र स्तर पर भी इस दिशा में रणनीति बनाए जाने की बात सामने आई है।

विपक्ष ने उठाए सवाल

Communist Party of India (Marxist-Leninist) Liberation (CPI-ML) ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि बिहार को ‘बुलडोजर राज’ की ओर ले जाने की कोशिश की जा रही है, जिसे जनता स्वीकार नहीं करेगी।

विपक्ष का आरोप है कि इस तरह की नीतियां लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ हैं और इससे आम लोगों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

क्या है ‘योगी मॉडल’?

‘योगी मॉडल’ का संदर्भ Yogi Adityanath के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार से है। इस मॉडल में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाना और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देना शामिल माना जाता है।

हालांकि, इस मॉडल को लेकर लगातार बहस भी होती रही है। जहां समर्थक इसे अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी मानते हैं, वहीं आलोचक इसे कानूनी और मानवीय दृष्टिकोण से सवालों के घेरे में रखते हैं।