'भारत ये नहीं कर सकता है', PoK के जिक्र से बौखलाई पाकिस्तान सरकार; दी तीखी प्रतिक्रिया

भारत की संसद में लाए गए डीलिमिटेशन बिल पर पाकिस्तान बौखला गया है। पाकिस्तान की नाराजगी बिल के उस प्वाइंट पर है, जिसमें चुनाव आयोग को पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) में परिसीमन प्रक्रिया का अधिकार दिया गया है।

'भारत ये नहीं कर सकता है', PoK के जिक्र से बौखलाई पाकिस्तान सरकार; दी तीखी प्रतिक्रिया
Published By- Diwaker Mishra

इस्लामाबाद/जनमत न्यूज़। भारत की संसद में लाए गए डीलिमिटेशन बिल (परिसीमन विधेयक) पर पाकिस्तान बौखला गया है। पाकिस्तान की नाराजगी बिल के उस प्वाइंट पर है, जिसमें चुनाव आयोग को पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) में परिसीमन प्रक्रिया का अधिकार दिया गया है।

पाकिस्तान ने इसे PoK में एक 'गलत' दखल कहा है। वहीं भारत का इस मुद्दे पर रुख बहुत साफ रहा है कि पीओके उसका हिस्सा है और पाकिस्तान का कब्जा पूरी तरह गैरकानूनी है।

संसद में पेश किए गए विधेयक में प्रस्ताव है कि जम्मू-कश्मीर के निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन में उन हिस्सों को शामिल किया जाए, जो पाकिस्तान के अवैध कब्जे में हैं। इस पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि हम जम्मू-कश्मीर में उस परिसीमन प्रक्रिया को खारिज करते हैं, जिसमें PoK से संबंधित प्रावधान शामिल है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय का बयान

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने अपने बयान में कहा कि हमने भारतीय संसद में परिसीमन विधेयक पेश किए जाने से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट देखी हैं। हम जम्मू और कश्मीर में भारत की परिसीमन प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से खारिज करते हैं, जिसमें PoK से संबंधित कोई भी प्रावधान शामिल है।

अंद्राबी ने भारत सरकार की पूरी प्रक्रिया को अवैध और राजनीतिक दिखावा कहा है। अंद्राबी ने कश्मीर को एक विवादित क्षेत्र बताते हुए कहा कि यहां भारत को ऐसे कदम नहीं उठाने चाहिए।

ताहिर ने कहा, 'भारत के पास जम्मू-कश्मीर की सीमाएं फिर से तय करने का कानूनी अधिकार नहीं है। PoK एक अलग प्रशासनिक क्षेत्र है, जिसकी अपनी सरकार है।

ताहिर अंद्राबी ने कहा भारतीय संसद में परिसीमन विधेयक पेश किए जाने से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट लगातार सामने आ रही हैं। इनमें जम्मू और कश्मीर की परिसीमन प्रक्रिया में PoK से संबंधित प्रावधान शामिल होने की बात है। हम इसे भारत का गैरजरूरी कदम मानते हैं और इसे स्पष्ट रूप से खारिज करते हैं।

'भारत का कदम भड़काऊ'

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने परिसीमन बिल में PoK को रखने के फैसले को भारत का एक भड़काऊ कदम और अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन है। पाकिस्तान की ओर से कहा गया है कि PoK एक ऐसा इलाका है, जो पूरी तरह से 'आजाद' है। ऐसे में भारत को इस तरह के कदम नहीं उठाने चाहिए।

भारत ने बार-बार ये दोहराया है कि PoK पर पाकिस्तान के कब्जे का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। PoK को परिसीमन के दायरे में लाने का फैसला एक बार फिर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पर भारत के संवैधानिक दावे की एक बार फिर से पुष्टि करता है। प्रस्ताव के तहत, हालात अनुकूल होने भारत का चुनाव आयोग इन क्षेत्रों में परिसीमन करेगा।

डीलिमिटेशन बिल क्या है?

गुरुवार को शुरू हुए संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र में मोदी सरकार ने डीलिमिटेशन बिल पेश किया है। इस बिल में 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को परिसीमन से जोड़कर अमल में लाने का प्रस्ताव है। परिसीमन बिल का उद्देश्य लोकसभा की सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करना है।

इसके साथ लाए गए दूसरे बिल का उद्देश्य राज्यों की विधानसभा और निचले सदन लोकसभा में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाकर 33 फीसदी आरक्षण देना है। यह विधेयक महिला आरक्षण को 2029 के लोकसभा चुनाव से प्रभावी रूप से लागू करने और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन से संबंधित हैं।