कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव का भव्य आगाज आज से, विश्व को मिलेगा शांति और करुणा का संदेश
विदेशी मेहमानों के स्वागत के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है। पुलिस और प्रशासन ट्रैफिक एवं पार्किंग व्यवस्था को सुचारु बनाने में जुटे हैं
कुशीनगर से प्रदीप यादव की रिपोर्ट —
कुशीनगर/जनमत न्यूज। तथागत गौतम बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर एक बार फिर वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र बनने जा रही है। यहां मंगलवार से तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव का भव्य शुभारंभ होगा। इस आयोजन के दौरान शांति, करुणा और मैत्री का संदेश पूरी दुनिया में गूंजेगा।
धम्म की पावन भूमि कुशीनगर इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए पूरी तरह सजकर तैयार हो चुकी है। कॉन्क्लेव को लेकर प्रशासन और आयोजकों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस कार्यक्रम में भारत सहित वियतनाम, थाईलैंड, जापान, श्रीलंका और नेपाल समेत कई बौद्ध देशों से हजारों श्रद्धालु और प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह आयोजन न केवल आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि वैश्विक एकता और सांस्कृतिक संवाद का भी प्रतीक बनेगा।
कॉन्क्लेव के लिए चार प्रमुख स्थलों को विशेष रूप से तैयार किया गया है। निर्माणाधीन कृषि विश्वविद्यालय परिसर में भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित होगा, जहां लगभग पांच हजार लोगों की क्षमता वाला आधुनिक जर्मन हैंगर टेंट लगाया गया है। वहीं महापरिनिर्वाण मंदिर परिसर में ‘धम्म डायलॉग’ का आयोजन होगा, जिसमें विभिन्न देशों से आए बौद्ध भिक्षु और विद्वान शांति, सह-अस्तित्व और मानवीय मूल्यों पर विचार साझा करेंगे।
इसके अलावा शांति वन में पेंटिंग प्रतियोगिता और साधना शिविर का आयोजन भी किया जाएगा। विभिन्न बौद्ध मठों और मोनास्ट्री द्वारा चैत्य निर्माण और सजावट से पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक वातावरण में रंग चुका है।
कार्यक्रम को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने भी व्यापक इंतजाम किए हैं। विदेशी मेहमानों के स्वागत के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है। पुलिस और प्रशासन ट्रैफिक एवं पार्किंग व्यवस्था को सुचारु बनाने में जुटे हैं, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कॉन्क्लेव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। इस मौके पर प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर और लोकप्रिय लोकगायक रितेश पांडेय सहित कई कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।
कुल मिलाकर, बुद्ध की इस पावन नगरी से एक बार फिर पूरी दुनिया को शांति, करुणा और भाईचारे का संदेश मिलने जा रहा है। यह अंतरराष्ट्रीय बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव कुशीनगर की पहचान को वैश्विक आध्यात्मिक मानचित्र पर और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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