औरैया एनटीपीसी लगाएगी एक मेगावाट का अतिरिक्त सोलर प्लांट, परियोजना की स्थापित क्षमता हुई 703 मेगावाट

औरैया जनपद के दिबियापुर में एनटीपीसी के परियोजना प्रमुख शुभाशीष गुहा ने बताया कि परियोजना में एक मेगावाट क्षमता के अतिरिक्त सोलर प्लांट लगाने के लिए जगह की तलाश कर ली गई है।

औरैया एनटीपीसी लगाएगी एक मेगावाट का अतिरिक्त सोलर प्लांट, परियोजना की स्थापित क्षमता हुई 703 मेगावाट
Published By- Diwaker Mishra

औरैया से अरुण वाजपेयी की रिपोर्ट

औरैया/जनमत न्यूज़। उप्र के औरैया जनपद के दिबियापुर में मंगलवार को एनटीपीसी के ट्रेनिंग सेंटर में एनटीपीसी के परियोजना प्रमुख शुभाशीष गुहा ने बताया कि परियोजना में एक मेगावाट क्षमता के अतिरिक्त सोलर प्लांट लगाने के लिए जगह की तलाश कर ली गई है।

मौजूदा समय में औरैया परियोजना की स्थापित क्षमता 703 मेगावाट हो गई है। परियोजना अपनी इसी फुल क्षमता के साथ किसी भी समय डिमांड के अनुसार विद्युत उत्पादन करने में सक्षम है।

हाल ही में एनटीपीसी औरैया के परियोजना प्रमुख का दायित्व संभालने वाले शुभाशीष गुहा एनटीपीसी के विभिन्न विभाग अध्यक्षों के साथ प्रेस मीट को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि एनटीपीसी तेजी से ट्रेडिशनल एनर्जी से रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) उत्पादन में शिफ्ट हो रही है।

इस समय एनटीपीसी की कुल उत्पादन क्षमता 87 गीगावॉट हो गई है। वर्ष 2032 तक 60 गीगावॉट बिजली उत्पादन रिन्यूएबल एनर्जी से प्राप्त करने पर एनटीपीसी बढ़ रही है। औरैया परियोजना में जहां गैस बेस्ड संयंत्र से 663 मेगावाट उत्पादन क्षमता की इकाइयां कार्यरत हैं ,वहीं 40 मेगावाट बिजली का उत्पादन यहां सोलर प्रोजेक्ट से किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि देश का हर चौथा बल्ब एनटीपीसी से जगमग हो रहा है और देश के बिजली उत्पादन में महारत्न प्रतिष्ठान एनटीपीसी की भागीदारी 25 फीसदी हो गई है। परियोजना प्रमुख ने बताया कि एनटीपीसी औरैया में सोलर प्रोजेक्ट से बिजली उत्पादन के अतिरिक्त सुबह-शाम ग्रिड की डिमांड पूरी करने के लिए गैस से भी बिजली उत्पादन पूरी क्षमता के साथ किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि टाउनशिप की ऊर्जा जरूरत पूरी करने के लिए 190 किलो वाट का रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाया गया है जबकि 250 किलो वाट का सोलर सिस्टम और लगाया जाना प्रक्रिया में है।

एनटीपीसी को मिला लीडरशिप अवार्ड

हाल ही में एनटीपीसी औरैया को मिले उत्पादन, सुरक्षा-संरक्षा आदि  क्षेत्र में मिले प्रतिष्ठित अवार्ड का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि एनटीपीसी को नॉर्थ इंडिया लीडरशिप अवार्ड, एनवायरमेंट एक्सीलेंस अवॉर्ड, क्वालिटी सर्किल अवार्ड तीनों टीमों को गोल्ड मेडल प्राप्त हुए हैं।

उन्होंने परियोजना प्रभावित गांवों के लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठने के लिए सीएसआर के तहत किए जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि एनटीपीसी में शुरू किए गए आंवला अमृत प्रोजेक्ट, उज्जवला तेल प्रोजेक्ट, आटा चक्की तथा गर्ल एंपावरमेंट मिशन (जेम) परियोजनाओं के सार्थक परिणाम सामने आए हैं। बड़ी संख्या में इनके जरिए महिलाओं बालिकाओं को हुनरमंद बनाकर स्वरोजगार की राह पर आगे बढ़ाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया गया है।

350 सोलर लाइट्स लगाई

एनटीपीसी के अधिकारियों ने बताया कि परियोजना प्रभावित क्षेत्र के विभिन्न गांवों में नेडा के माध्यम से 350 लाइट्स लगाई गई हैं। क्षेत्रीय सांसद और स्थानीय विधायक के जरिए जरूरतमंदों को वितरण के लिए ढाई हजार से अधिक कंबल दिए गए। मेघना एग्जीबिशन के जरिए लोकल प्रोडक्ट को प्रोत्साहित किया गया। एनटीपीसी ने हर्बल पार्क भी डेवलप किया है।

प्रोजेक्ट के अंदर जहां दो सैकड़ा आंवले के पेड़ कई क्विंटल आंवला अमृत प्रोजेक्ट के लिए उपलब्ध कराते हैं,इनसे कैंडी, मुरब्बा ,लड्डू जैसे 8 प्रोडक्ट तैयार होते हैं जिनकी वर्ष भर भारी डिमांड रहती है। एनटीपीसी ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में जिला प्रशासन द्वारा उमरी गांव में उपलब्ध कराई गई रिजर्व लैंड पर 15 हजार पौधे भी लगाए हैं।

इस मौके पर एजीएम प्रचालन एवं अनुरक्षण मनोज आनंद, एजीएम संविदा एवं सामग्री प्रलय चौधरी, एजीएम अनुरक्षण देवेंद्र प्रकाश, सीएमओ एनटीपीसी डॉ संदीप कुमार गुप्ता, एजीएम मानव संसाधन तन्मय दत्त प्रमुख रूप से मौजूद रहे।