रायबरेली में SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 3.48 लाख नाम कटे; दावे और आपत्तियों के लिए एक माह का विशेष अभियान शुरू

प्रशासन की ओर से नाम जोड़ने, संशोधन कराने और दावे–आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 6 जनवरी से 6 फरवरी तक एक माह का विशेष अभियान शुरू किया गया है। इस दौरान कोई भी पात्र नागरिक अपने मतदाता संबंधी दावे या आपत्तियां दर्ज करा सकता है।

रायबरेली में SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 3.48 लाख नाम कटे; दावे और आपत्तियों के लिए एक माह का विशेष अभियान शुरू
PUBLISHED BY - MANOJ KUMAR

रायबरेली से महाताब खान की रिपोर्ट —

रायबरेली/जनमत न्यूज। लोकतंत्र की सबसे अहम कड़ी मानी जाने वाली मतदाता सूची एक बार फिर चर्चा में आ गई है। रायबरेली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत तैयार की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची सोमवार को जारी कर दी गई। जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने शहर स्थित आईटीआई ग्राउंड से ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का औपचारिक प्रकाशन किया। इसके साथ ही छूटे हुए मतदाताओं और संशोधन के इच्छुक नागरिकों के लिए राहत की खबर भी सामने आई है।

प्रशासन की ओर से नाम जोड़ने, संशोधन कराने और दावे–आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 6 जनवरी से 6 फरवरी तक एक माह का विशेष अभियान शुरू किया गया है। इस दौरान कोई भी पात्र नागरिक अपने मतदाता संबंधी दावे या आपत्तियां दर्ज करा सकता है।

ड्राफ्ट सूची जारी होते ही जिले से जुड़े चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। रायबरेली जिले में कुल 3 लाख 48 हजार 867 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से बाहर किए गए हैं। प्रशासन के अनुसार इनमें
5,738 मतदाताओं ने एसआईआर फॉर्म नहीं भरा,
76,119 मतदाता सत्यापन के दौरान अपने पते पर नहीं मिले,
29,336 मतदाता एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए,
1,70,508 मतदाता जिले या क्षेत्र से बाहर शिफ्ट हो चुके हैं,
जबकि 67,808 मतदाताओं की मृत्यु दर्ज पाई गई है।

जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने स्पष्ट किया कि जारी की गई यह सूची अंतिम नहीं है। यदि किसी मतदाता का नाम गलती से कट गया है या कोई पात्र नागरिक सूची में शामिल नहीं हो सका है, तो उसे घबराने की आवश्यकता नहीं है। आगामी एक माह तक दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी और उनका समयबद्ध एवं निष्पक्ष निस्तारण किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि यह विशेष अभियान जिले की 980 ग्राम पंचायतों में चलाया जा रहा है, जिसमें 1510 बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) लगाए गए हैं। बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन के साथ-साथ नागरिकों की समस्याओं का समाधान करेंगे, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मताधिकार से वंचित न रह जाए।

प्रशासन का दावा है कि इस बार तैयार की जा रही मतदाता सूची पहले से अधिक पारदर्शी, सटीक और निष्पक्ष होगी, जिससे आगामी चुनावों में हर सही मतदाता की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।