फर्रुखाबाद: माफिया अनुपम दुबे के दो हिस्ट्रीशीटर भाइयों समेत छह लोग गिरफ्तार, लगा है गैंग्स्टर एक्ट
फर्रुखाबाद में इंस्पेक्टर रामनिवास यादव व पीडब्ल्यूडी ठेकेदार मो. शमीम की हत्या के दोष में मथुरा जेल में आजीवन कारावास काट रहे माफिया अनुपम दुबे के स्वजन की मुश्किलें फिर बढ़ती जा रही हैं।
फर्रुखाबाद से वरुण दुबे की रिपोर्ट
फर्रुखाबाद/जनमत न्यूज़। फर्रुखाबाद में इंस्पेक्टर रामनिवास यादव व पीडब्ल्यूडी ठेकेदार मो. शमीम की हत्या के दोष में मथुरा जेल में आजीवन कारावास काट रहे माफिया अनुपम दुबे के स्वजन की मुश्किलें फिर बढ़ती जा रही हैं। पुलिस ने अनुपम दुबे के दो हिस्ट्रीशीटर भाइयों डब्बन और बब्बन समेत छह लोगों को हिरासत मे लेकर न्यायालय में पेश किया है।
डब्बन को फतेहगढ़ व बब्बन को मैनपुरी के नबीगंज से मऊदरवाजा थाने लाया गया। इनके खिलाफ कार्रवाई से पहले जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की संयुक्त बैठक में मंत्रणा की गई और रिपोर्ट जिला न्यायाधीश को भेजी गई। उनकी संस्तुति के बाद गैंग्स्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया है।
आज दोपहर को कोर्ट में पेश किया गया ।एसओजी (स्पेशल आपरेशन ग्रुप) व थाना मऊदरवाजा पुलिस ने फतेहगढ़ कोतवाली के मुहल्ला कसरट्टा निवासी अनुपम दुबे के भाई अनुराग दुबे ‘डब्बन’ को फतेहगढ़ से हिरासत में ले लिया। उसके दूसरे भाई मोहम्मदाबाद के ब्लाक प्रमुख अमित दुबे ‘बब्बन’ को जनपद मैनपुरी के कस्बा नबीगंज से हिरासत में लिया गया।
इसके अलावा बब्बन के पैतृक गांव मोहम्मदाबाद के सहसापुर निवासी विनीत दुबे, गांव अलावलपुर निवासी धर्मेंद्र चतुर्वेदी व दो अन्य को भी पुलिस पकड़ लाई। सभी आरोपियों को थाना मऊदरवाजा पुलिस के द्वारा कागजी कार्यबाही कर न्यायालय में पेश किया गया
थानाध्यक्ष अजब सिंह, एसओजी प्रभारी सचिन चौधरी समेत कई थाना प्रभारी, वीआइपी सेल प्रभारी अमित गंगवार, यूपी 112 के प्रभारी आमोद कुमार सिंह आदि पुलिस कर्मी भी थाने में देर शाम तक डटे रहे। बताया जा रहा है कि माफिया के भाइयों व समर्थकों के खिलाफ मारपीट कर धमकाने की पुलिस से शिकायत की गई थी।
विगत 07 फरवरी की रात में मुहल्ला बहादुरगंज निवासी एकलव्य कुमार ने अनुपम दुबे व अन्य साथियों के खिलाफ जानलेवा हमला करने का मुकदमा दर्ज कराया था।, जिसमें कहा गया था कि वह श्री वयस्क हनुमान जी महाराज मंदिर का पैरोकार है।
उस मंदिर से संबंधित 70 करोड़ जमीन को फर्जी अभिलेखों के जरिए माफिया अनुपम दुबे ने ले ली थी। गैंग्स्टर एक्ट में जिला प्रशासन द्वारा उसे कुर्क कर लिया गया था। बाद में उस जमीन को श्री वयस्क हनुमान जी महाराज मंदिर के नाम जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने हस्तांतरित कर दिया था। इससे नाराज अनुपम दुबे के लोगों ने उस पर हमला किया था।
उधर बब्बन और डब्बन के गिरफ्त में आने के बाद जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की बैठक में कार्रवाई को लेकर मंत्रणा हुई। उसके बाद रिपोर्ट जिला न्यायाधीश नीरज कुमार को सौंपी गई।
उनकी अनुमति के बाद बब्बन, डब्बन समेत कई लोगों के खिलाफ गैंग्स्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों की हिस्ट्रीशीट खुली है। बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय ने अनुराग दुबे ‘डब्बन’ की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए कोई नया मुकदमा जिला न्यायाधीश की अनुमति के बाद ही दर्ज करने के निर्देश दिए थे।
यही कारण था कि डब्बन के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को काफी देर मंत्रणा करनी पड़ी और जिला न्यायाधीश की अनुमति लेनी पड़ी। पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने कहा कि सभी तथ्यों और मानकों पर विचार कर हिस्ट्रीशीटर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

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