भारत-यूरोपीय संघ के बीच हुई मदर ऑफ़ आल डील

भारत-यूरोपीय संघ  के बीच हुई मदर ऑफ़ आल डील
Published By - ANKUSH PAL

देश/विदेश (जनमत) :- भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच  सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता किया, यूरोपीय संघ के साथ यह मुक्त व्यापार समझौता साझा समृद्धि का नया खाका है। भारत-यूरोपीय संघ सहयोग वैश्विक हित में एक साझेदारी, यह एफटीए समुद्री क्षेत्र और साइबर सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने में मदद करेगा। अमेरिका की ओर इशारा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक माहौल में उथल-पुथल मची हुई है, भारत-ईयू विश्व व्यवस्था को स्थिरता प्रदान करेगा।  डील को लेकर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने कहा, शिखर सम्मेलन ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत और यूरोपीय संघ विश्वसनीय साझेदार के रूप में एक साथ खड़े हैं। भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता दो अरब लोगों के बाजार के लिए अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी समझौता है।निर्यतकों का कहना है कि भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते के तहत यूरोपीय संघ द्वारा दी गई आयात शुल्क रियायतों से 27 देशों के समूह में देश के निर्यात को बढ़ावा मिलने के साथ घरेलू विनिर्माण को गति मिलेगी।

वित्त वर्ष 2024-25 में ईयू के साथ भारत का द्विपक्षीय वस्तु व्यापार 136.53 अरब डॉलर रहा, जिसमें 75.85 अरब डॉलर का निर्यात और 60.68 अरब डॉलर का आयात शामिल है। इसके साथ ही ईयू भारत का सबसे बड़ा वस्तु व्यापार भागीदार बन गया। ईयू बाजार भारत के कुल निर्यात का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा रखता है, जबकि भारत को ईयू का निर्यात उसके कुल विदेशी निर्यात का 9 प्रतिशत है। इस समझौते के अगले वर्ष की शुरुआत में लागू होने की उम्मीद है। ईयू विश्व का सबसे बड़ा परिधान आयातक है, जहां वित्त वर्ष 2024-25 में कुल परिधान आयात 202.8 अरब डॉलर रहा।