फिरोजाबाद: सुहाग नगरी के धार्मिक स्थलों की बदलेगी तस्वीर,योगी सरकार ने विकास के लिए खोला खजाना
उप्र की योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को सहेजने के अपने संकल्प को निरंतर धरातल पर उतार रही है।
फिरोजाबाद से विमल कुमार सिंह की रिपोर्ट
फिरोजाबाद/जनमत न्यूज़। उप्र की योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को सहेजने के अपने संकल्प को निरंतर धरातल पर उतार रही है। इसी कड़ी में सुहाग नगरी फिरोजाबाद के प्राचीन मंदिरों और धार्मिक स्थलों के सुंदरीकरण व पर्यटन विकास के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है।
जिले के तीन प्रमुख आस्था केंद्रों भगवान श्री नरसिंह धाम, छदामी लाल जैन मंदिर और पसीने वाले हनुमान जी मंदिर के सुंदरीकरण और पर्यटन विकास के लिए करोड़ों की धनराशि स्वीकृत की गई है।
नरसिंह धाम और जैन मंदिर को मिलेगी नई भव्यता
धार्मिक पर्यटन विकास योजना के अंतर्गत मंछना स्थित प्राचीन भगवान श्री नरसिंह धाम के लिए 112.34 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है। यहां श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक विश्राम गृह, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और सुलभ पहुंच मार्ग का निर्माण कराया जाएगा।
वहीं अपनी बेजोड़ वास्तुकला के लिए मशहूर छदामी लाल जैन मंदिर के लिए 128.32 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन विकास कार्यों से जैन समाज के इस प्रमुख केंद्र की भव्यता और अधिक बढ़ेगी, जिससे देश- विदेश के पर्यटक यहां आकर्षित होंगे।
सिद्ध 'पसीने वाले हनुमान जी' मंदिर का होगा कायाकल्प
जन आस्था के बड़े केंद्र सिद्ध पसीने वाले हनुमान जी मंदिर के लिए भी योगी सरकार ने 100.03 लाख रुपये का बजट आवंटित किया है। मंदिर परिसर में भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
मंदिर के सौंदर्यीकरण के साथ- साथ यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और स्वच्छता के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि दर्शन की प्रक्रिया सुगम और शांतिपूर्ण हो सके।
श्रद्धालुओं को मिलेगा सुखद आध्यात्मिक अनुभव
पर्यटन अधिकारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप जनपद के प्रमुख धार्मिक स्थलों को पर्यटन सर्किट से जोड़ने की तैयारी है। स्वीकृत बजट से इन मंदिरों में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
हमारा उद्देश्य श्रद्धालुओं को केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि एक सुखद आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करना है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से स्थानीय स्तर पर होटल, परिवहन और गाइड जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
सनातन संस्कृति का सम्मान
कई दशकों से उपेक्षित पड़े इन प्राचीन स्थलों की सुध लेने पर फिरोजाबाद के संतों और स्थानीय नागरिकों में भारी उत्साह है। उत्तर प्रदेश सरकार के इस कदम को सनातन संस्कृति के संवर्धन के रूप में देखा जा रहा है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इन मंदिरों के आधुनिक स्वरूप में आने से फिरोजाबाद की पहचान केवल कांच उद्योग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर भी प्रमुखता से उभरेगा।

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