NEET UG 2026: री-एग्जाम 21 जून को, नया रजिस्ट्रेश फ्री, अगली बार से ऑनलाइन परीक्षा

NEET UG 2026 री-एग्जाम 21 जून को होगा। शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने फीस रिफंड, फ्री रजिस्ट्रेशन, अतिरिक्त समय और अगले साल से CBT परीक्षा जैसे बड़े बदलावों का ऐलान किया।

NEET UG 2026: री-एग्जाम 21 जून को, नया रजिस्ट्रेश फ्री, अगली बार से ऑनलाइन परीक्षा
Published By- A.K. Mishra

नई दिल्ली/जनमत न्यूज़:- NEET UG 2026 परीक्षा को लेकर जारी असमंजस के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने जानकारी दी कि NEET UG 2026 का री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जाएगा। पेपर लीक विवाद के बाद सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया में कई अहम बदलाव करने का फैसला लिया है।

सरकार के अनुसार, अब अगले साल से NEET परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराई जाएगी ताकि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सके।

छात्रों को नहीं देनी होगी दोबारा फीस

शिक्षा मंत्री ने बताया कि जिन अभ्यर्थियों ने पहले ही आवेदन कर दिया था, उनसे री-एग्जाम के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा फीस से जुड़ी शिकायत करने वाले छात्रों को रिफंड भी दिया जाएगा। वहीं नए उम्मीदवारों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त रखी गई है।

14 जून तक जारी होंगे एडमिट कार्ड

सरकार ने कहा कि सभी उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे। इस बार छात्रों को अपनी पसंद का परीक्षा केंद्र चुनने का विकल्प भी मिलेगा। पहले कई अभ्यर्थियों ने दूसरे शहरों में सेंटर मिलने की शिकायत की थी, जिसके बाद यह बदलाव किया गया है।

परीक्षा में मिलेगा अतिरिक्त समय

NEET UG 2026 री-एग्जाम में छात्रों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा। माना जा रहा है कि नई सुरक्षा व्यवस्था और बायोमेट्रिक जांच में लगने वाले समय को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

इस बार National Testing Agency (NTA) परीक्षा केंद्रों पर डिजिटल निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू करेगी ताकि किसी तरह की गड़बड़ी दोबारा न हो सके।

जांच में पेपर लीक की पुष्टि

सरकार ने स्वीकार किया है कि “गेस पेपर” के नाम पर असली प्रश्नपत्र के सवाल बाहर पहुंचे थे। शिक्षा मंत्री ने बताया कि 3 मई को परीक्षा के बाद 7 मई को NTA को शिकायत मिली थी कि बाजार में मौजूद कुछ गेस पेपर के सवाल असली प्रश्नपत्र से मेल खा रहे हैं। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने जांच शुरू करवाई और मामला एजेंसियों को सौंप दिया गया।

सरकार के मुताबिक 12 मई तक अलग-अलग राज्यों से मिली रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया था कि पेपर लीक हुआ है। इसके बाद परीक्षा रद्द कर री-एग्जाम कराने का निर्णय लिया गया।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि मेहनती छात्रों का भविष्य शिक्षा माफिया और फर्जी अभ्यर्थियों की वजह से प्रभावित हो। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा कराना है।