बहराइच के भरथापुर के 136 परिवारों को मिली नई जिंदगी, जिनका नाव ही था सहारा; उनको अब मिलेगा आशियाना

उप्र के बहराइच जनपद के भरथापुर जंगल गांव के 136 परिवारों की तकदीर बदलने जा रही है। जहां हर सुबह मौत के साए में होती थी और हर शाम डर के साथ ढलती थी।

बहराइच के भरथापुर के 136 परिवारों को मिली नई जिंदगी, जिनका नाव ही था सहारा; उनको अब मिलेगा आशियाना
Published By- Diwaker Mishra

बहराइच से रिजवान खान की रिपोर्ट

बहराइच/जनमत न्यूज़। उप्र के बहराइच जनपद के भरथापुर जंगल गांव के 136 परिवारों की तकदीर बदलने जा रही है। जहां हर सुबह मौत के साए में होती थी और हर शाम डर के साथ ढलती थी।

ब्रिटिश दौर से जंगल और नदियों के बीच फंसा इस गांव में पहुंचने का रास्ता भी सिर्फ नाव था, लेकिन अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फैसले के बाद इस गांव के सभी 136 परिवारों को नेशनल हाईवे के पास सुरक्षित जगह पर बसाया जाएगा।

बहराइच जिला मुख्यालय से करीब 120 किलोमीटर दूर, नेपाल की तराई में बसा भरथापुर गांव चारों तरफ से जंगल, गेरुआ और कौड़ियाला नदियों से घिरा है। जंगली जानवरों का खतरा, हर साल बाढ़ की मार और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमीयही इस गांव की हकीकत थी। यहां के लोगों के लिए स्कूल, अस्पताल या बाजार तक पहुंचना भी किसी जंग से कम नहीं था।

29 अक्टूबर को हुए दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे सिस्टम को झकझोर दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद गांव पहुंचे, लोगों का दर्द देखा और वहीं से एक बड़ा फैसला लिया कि इन परिवारों को खतरे के इस घेरे से बाहर निकालकर सुरक्षित जगह बसाया जाएगा।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने तुरंत कार्रवाई की। जमीन चिन्हित हुई, योजना बनी और अब विस्थापन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नया ठिकाना नेशनल हाईवे के पास होगा, जहां सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और इलाज जैसी सुविधाएं इन परिवारों को मिल सकेंगी।

ये सिर्फ घर बदलने की कहानी नहीं हैये 136 परिवारों के लिए डर से आज़ादी और सम्मान से जीने की शुरुआत है। जिन लोगों ने पीढ़ियों तक जंगल और नदी के बीच जिंदगी काटी, अब उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित हाथों में होगा।

भरथापुर का ये विस्थापन बताता है कि जब नीयत साफ हो और इरादा मजबूत, तो सबसे मुश्किल हालात भी बदले जा सकते हैं। जंगल और नदी के बीच कैद जिंदगी अब इतिहास बनने जा रही हैऔर 136 परिवार एक नए, सुरक्षित और बेहतर कल की ओर बढ़ रहे हैं।