फतेहपुर: हत्या के 12 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा, 2009 में दिनदहाड़े हुई थी हत्या
उप्र के फतेहपुर जिले मे वर्ष 2009 में थाना हथगांव क्षेत्र के पट्टीशाह गांव में दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।
फतेहपुर से भीमशंकर की रिपोर्ट
फतेहपुर/जनमत न्यूज़। उप्र के फतेहपुर जिले मे वर्ष 2009 में थाना हथगांव क्षेत्र के पट्टीशाह गांव में दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूजा विश्वकर्मा की अदालत ने 12 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मुकदमे के दौरान पांच आरोपितों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि एक नाबालिग अभियुक्त का मामला जुवेनाइल कोर्ट में विचाराधीन है।
घटना वर्ष 2009 की है। बताया जाता है कि शरीफ सेठ अपने भाई नफीस के साथ मोटरसाइकिल से पट्टीशाह जा रहे थे। तभी पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने बंदूकों और तमंचों से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दोनों पर हमला कर दिया।
इस हमले में नफीस की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल शरीफ सेठ को उपचार के लिए कानपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपियों ने पुरानी रंजिश और बदले की भावना से हत्या की साजिश रची थी।
बताया गया कि घटना से एक वर्ष पूर्व मुख्य आरोपी मजहर हैदर नकवी उर्फ मज्जू के बेटे रियाज अतहर और शमशाद की हत्या हुई थी। जेल में बंद आरोपितों की पैरवी मृतक नफीस करता था, इसी कारण उसे निशाना बनाया गया।
सुनवाई के बाद अदालत ने सलमान, सिकंदर, सीमाब, शहीद राजा, मोबिन, गुरु मसरूर, फरहान उर्फ बासु, मैली असगर, रुकनुद्दीन, रमेश चंद्र और मोहम्मद हई सहित कुल 12 अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
मुकदमे के दौरान पांच आरोपियों की मौत हो चुकी है, जबकि एक आरोपी नाबालिग होने के कारण उसका मामला जुवेनाइल कोर्ट में लंबित है।

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