एटा: एक परिवार के चार लोगों की हत्या मामले में नया मोड़, दहेज की वजह से उठाया खौफनाक कदम!
एटा जनपद के नगला प्रेमी में बीते सोमवार को बेटे द्वारा ही अपने बुजुर्ग पिता, मां,पत्नी और बेटी की नृशंस हत्या के मामले में सनसनी खेज मोड़ सामने आया है।
एटा से नंद कुमार की रिपोर्ट
एटा/जनमत न्यूज़। उप्र के एटा जनपद के नगला प्रेमी में बीते सोमवार को बेटे द्वारा ही अपने बुजुर्ग पिता, मां,पत्नी और बेटी की नृशंस हत्या के मामले में सनसनी खेज मोड़ सामने आया है। हत्यारे पिता की बड़ी बेटी लक्ष्मी ने कहा कि लड़के वालों की दहेज डिमांड पूरी न कर पाना, फाइनेंसरों पर फंसी रकम, मम्मी से हुए विवाद के बाद पिता ने खौफ़नाक कदम उठाते हुए हत्या की है।
उसने बताया कि हत्या करने के बाद पापा मेरे पास केमिस्ट की दुकान पहुंचे, पैसे लिए और चले गए, फिर फोन नहीं उठाया। बेटी लक्ष्मी ने बताया वो घटना को कैसे अंजाम दिए, ये मुझे नहीं पता लेकिन उस दिन भी उनका विहैवियर चेंज नहीं था।
वो दुकान पर आए मुझसे पैसे मांगे, उस समय उनका पसीना छूट रहा था ऐसा नहीं लग रहा था कि वह ऐसी घटना को अंजाम देकर आए हैं। पैसे की वजह से इस घटना को अंजाम दिया है। कभी कोई लड़ाई झगड़ा नहीं था. जो कुछ किया पैसों की वजह से डिप्रेशन की वजह से किया है।
घर में मम्मी से थोड़ा बहुत विवाद रहता था। छोटी बहन भी पापा से कुछ कह देती थी, तब भी वो शांत हो जाते थे। लड़के पक्ष की तरफ से चार लाख रुपए की डिमांड की जा रही थी। पापा इंतजाम कर रहे थे। एक जगह हमारे पैसे थे वह पैसे नहीं दे रहे थे।
फाइनेंस वाले जितेंद्र दिन बढ़ाते जा रहे थे, वो मां वैष्णो के नाम से फाइनेंस चलाते हैं। लड़के पक्ष से पैसों को लेकर बात हो चुकी थी। एक दो दिन करके टल रहा था। 20 तारीख को पैसे देना तय था। उससे पहले ही पापा ने सब खत्म कर दिया।
शादी के लिए चार लाख रुपए देने थे। मेरे पापा लड़के को देखने गए थे तो उन्होंने कहा कि आप शादी के लिए क्या दे दोगे तो मेरे पापा ने कह दिया था कि तीन साढ़े तीन लाख तक दे देंगे। मेरे पापा कोई नशा नहीं करते थे इस घटना को टाला जा सकता था, अगर कोई समझाने वाला होता।
वही आरोपी के बहनोई बालिस्टर सिंह ने बताया मै अपने साले को को बहुत समय से जानता हूं। शादी के बाद 25 से तीस सालों से जनता हूं। इनका अच्छा व्यवहार था। ये हत्याकांड पैसे को लेकर हुआ है। लड़की की शादी रोक दी थी। लड़के बालों का दबाव था। लड़की से फोन करते थे लड़की की मां से कहकर दबाव डाल रही थी।
इनका पैसा एक फाइनेंस वाले पर था जितेंद्र नाम के व्यक्ति है उनसे पैसे के लिए बार बार कहा जाता था लेकिन वह टालते रहते थे। समय से पैसा नहीं दिया डिप्रेशन में आकर के उन्होंने ऐसा किया है। सरकार से हमारी मांग है कि बच्चे अनाथ हो चुके हैं। हमारी मांग है कि इनकी पढ़ाई लिखाई और जीवन यापन के लिए मदद की जाए।
लक्ष्मी ने बताया बताया कि छोटी बहन का विवाह अनुराग पुत्र दिनेश कुमार निवासी चंडीगढ़ से तय हुआ था। वह ठेकेदारी करते हैं। 11 फरवरी को शादी होनी थी। मेरी बहन ने एम.ए. कर लिया था और दो तीन साल तक नोएडा में एक बैंक के जॉब करती थी । एटा में कोचिंग के दौरान ये संपर्क में आए। अक्टूबर 2025 में मेरी बहन वापस लौटी थी।

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