हत्या के प्रयास मामले में एक आरोपी को सात वर्ष का कठोर कारावास, तीन दोषमुक्त

वर्ष 2014 में देवेंद्र पुत्र किशोरी लाल निवासी भैंसना द्वारा अपने भाई दुलीचंद को गोली मारकर जान से मारने की कोशिश किए जाने के संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई थी।

हत्या के प्रयास मामले में एक आरोपी को सात वर्ष का कठोर कारावास, तीन दोषमुक्त
PUBLISHED BY - MANOJ KUMAR

एटा से नंद कुमार की रिपोर्ट —

एटा/जनमत न्यूज। अपर सत्र न्यायाधीश सुधा की अदालत ने हत्या के प्रयास के एक मामले में फैसला सुनाते हुए एक आरोपी को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जबकि साक्ष्यों के अभाव में तीन अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया।

यह मामला थाना अवागढ़ क्षेत्र के ग्राम भैंसना से जुड़ा है, जहां वर्ष 2014 में देवेंद्र पुत्र किशोरी लाल निवासी भैंसना द्वारा अपने भाई दुलीचंद को गोली मारकर जान से मारने की कोशिश किए जाने के संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई थी। वादी की तहरीर पर अवागढ़ थाना पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर आरोपियों के विरुद्ध जांच पूरी करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था।

मामले की सुनवाई लंबे समय तक अपर सत्र न्यायाधीश सुधा की अदालत में चली। इस दौरान अभियोजन एवं बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं द्वारा प्रस्तुत दलीलों, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का न्यायालय ने गहन परीक्षण किया। समस्त तथ्यों पर विचार करते हुए न्यायालय ने आरोपी श्याम पाल सिंह पुत्र चिरौंजी लाल निवासी ग्राम भैंसना को दोषी मानते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास तथा दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

वहीं, न्यायालय ने सह-आरोपी किशनपाल पुत्र चिरौंजी लाल, टिल्लू पुत्र ध्यानपाल तथा रघुवीर पुत्र चिरौंजी लाल के विरुद्ध आरोप सिद्ध न होने पर उन्हें दोषमुक्त करार दिया।

अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता यतींद्र शाक्य एवं सर्वेश चौहान ने न्यायालय में प्रभावी ढंग से पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने भी अपने मुवक्किलों की ओर से तर्क प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने यह निर्णय सुनाया।

इस फैसले के बाद क्षेत्र में न्यायालय के निर्णय की चर्चा बनी हुई है, वहीं पीड़ित पक्ष ने निर्णय पर संतोष व्यक्त किया है।