कोई भी व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता : सीएम योगी
शंकराचार्य विवाद पर बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता है। कुछ मर्यादाओं का पालन सबको करना पड़ता है। अगर वो शंकराचार्य थे, तो फिर क्यों आप लोगों (सपा) ने लाठीचार्ज किया था। क्यों एफआईआर दर्ज की थी।
लखनऊ (जनमत) :- सीएम योगी ने सरकार की उपलब्धियां और बजट की योजनाओं पर पक्ष रखा। साथ ही सपा पर एक के बाद एक कई हमले बोले। करीब 2 घंटा 13 मिनट बोले। साथ ही राज्यपाल के अभिभाषण पर संशोधन प्रस्ताव अस्वीकृत हो गया। इससे पहले सवाल-जवाब के बीच टोका-टोकी करने से स्पीकर सतीश महाना भाजपा विधायक केतकी सिंह पर भड़क गए। उन्होंने कहा सदन चलाना मेरा काम है। गुस्से में उन्होंने हेडफोन निकालकर फेंक दिया। 10 मिनट के लिए सदन स्थगित करके कुर्सी से उठकर चले गए थे।सीएम योगी ने कहा कि जो मुद्दा नहीं था, उसे जानबूझकर मुद्दा बनाया गया। क्या हर व्यक्ति मुख्यमंत्री बनकर प्रदेश में घूम जाएगा। कोई भी मंत्री का बोर्ड लगाकर घूम सकता है। क्या कोई भी सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष का बोर्ड लगा सकता है। शंकराचार्य का पद सनातन में पवित्र माना जाता है। इस सदन की व्यवस्था आप देखते होंगे। परंपरा और नियमों से संचालित होता है। हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता। हर व्यक्ति आचार्य के रूप में जहां-तहां जाकर वातावरण खराब नहीं कर सकता है।
शंकराचार्य विवाद पर बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता है। कुछ मर्यादाओं का पालन सबको करना पड़ता है। अगर वो शंकराचार्य थे, तो फिर क्यों आप लोगों (सपा) ने लाठीचार्ज किया था। क्यों एफआईआर दर्ज की थी। आप नैतिकता की बात करते हैं। जहां साढ़े 4 करोड़ लोग आए हों वहां एग्जिट गेट से कोई मेला क्षेत्र में अंदर नहीं आ सकता है। ऐसे कर्म नई भगदड़ को जन्म देता है। श्रद्धालुओं के जीवन के लिए खतरा हो सकता था। एक मर्यादित व्यक्ति ऐसा नहीं कर सकता है। आप पूजना है, पूजे सपा के लोग पूजा करें। लेकिन हम लोग मर्यादित लोग हैं। हम लोग कानून के शासन पर विश्वास करते हैं। पालन करना भी जानते हैं, पालन करवाना भी जानते हैं।

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