'शेख हसीना की होगी बांग्लादेश में एंट्री, ढाका में बड़े पावर शिफ्ट की रिपोर्ट'; पूर्व रॉ एजेंट का दावा
बांग्लादेश में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली सरकार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। राजधानी ढाका में एक मासूम बच्ची के दरिंदगी की गई और उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई।
ढाका/जनमत न्यूज़। बांग्लादेश में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली सरकार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। राजधानी ढाका में एक मासूम बच्ची के दरिंदगी की गई और उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई।
ढाका की सड़कों पर 2 साल की मासूम बच्ची यह दरिंदगी जमात समर्थकों द्वारा की गई है। इस बीच बीएनपी सरकार की कानून व्यवस्था पर कमजोर पड़ती पकड़ और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को लेकर पूर्व रॉ एजेंट लकी बिष्ट ने बड़ा दावा किया है।
लकी बिष्ट ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि 'ढाका की सड़कों पर जमात समर्थकों द्वारा 2 साल की मासूम से दरिंदगी मौजूदा शासन की प्रशासनिक कमजोरी को दिखाती है।'
'बांग्लादेश में हो सकता है बड़ा पावर शिफ्ट'
पूर्व रॉ एजेंट ने अपनी काउंटर रिपोर्ट के आधार पर बताया कि इस साल बांग्लादेश में बड़ा पावर शिफ्ट हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि तमाम अदालती मुकदमों को दरकिनार करते हुए सत्ता के निष्कासित की गईं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना दोबारा बांग्लादेश की धरती पर कदम रखेंगी।
लकी बिष्ट ने कहा ढाका की सड़कों पर जमात समर्थकों द्वारा 2 साल की मासूम से दरिंदगी मौजूदा शासन की प्रशासनिक कमजोरी को दिखाती है। हमारी काउंटर-रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में बड़ा पावर-शिफ्ट होने जा रहा है। तमाम अदालती मुकदमों को दरकिनार कर, शेख हसीना खुद दोबारा बांग्लादेश की धरती पर कदम रखेंगी।
क्या है मामला?
बांग्लादेश की मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 19 मई को राजधानी ढाका में एक शख्स ने 7 साल की मासूम के साथ बलात्कार किया और उसके बाद उसकी हत्या कर दी।
आरोपी ने उस मासूम के शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए और उसके शव को बिस्तर में भरकर छिपा दिया। बच्ची के पिता ने 20 मई को पुलिस स्टेशन जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले में कानून, न्याय मंत्री ने एक सप्ताह में पुलिस को जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
बांग्लादेश की सत्ता में कैसे हुआ उलटफेर
बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों में कोटा सिस्टम को लेकर एक आंदोलन की शुरूआत हुई थी, जो कुछ ही दिनों में पिछले 15 सालों से सत्ता में आवामी लीग के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन में बदल गया।
हिंसा में सैकड़ों लोग मारे गए। उसके 5 अगस्त को शेख हसीना ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और हेलीकॉप्टर से भारत में शरण ली। तब से वह भारत में निर्वासन में हैं।
हसीना के सत्ता निष्कासन के बाद मोहम्मद यूनुस की अगुवाई में अंतरिम सरकार बनी, जिसने भारत के साथ रिश्तों को ताक पर रखे और एक के बाद एक कई विरोधी फैसले लिए।
अंतरिम सरकार ने अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया और शेख हसीना को हिंसा के लिए जिम्मेदार बताया। नवंबर 2025 में शेख हसीना को मुकदमे के बाद मौत की सजा सुनाई गई। इस दौरान भारत से प्रत्यर्पण की मांग की गई लेकिन भारत ने कानूनी प्रक्रिया का हवाला दिया।

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